
अल्मोड़ा। ऐतिहासिक नंदादेवी मेले के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर मंदिर समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नंदादेवी मंदिर समिति की बैठक में मेले की व्यवस्थाओं और कदली वृक्षों से मां नंदादेवी की प्रतिमा निर्माण की परंपरा को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने कदली वृक्षों का निरीक्षण भी किया। मंदिर समिति के अनुसार 17 सितंबर को शाम चार बजे पदाधिकारी और सदस्य पांडे खोला पहुंचकर कदली वृक्षों की पूजा-अर्चना करेंगे और उन्हें मेले में आने का निमंत्रण देंगे। इसके अगले दिन 18 सितंबर को सुबह छह बजे कदली वृक्षों को धूमधाम से नगर भ्रमण कराया जाएगा। नगर के प्रमुख मार्गों और स्थानों से होते हुए कदली वृक्ष नंदादेवी मंदिर पहुंचेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में धार्मिक विधि-विधान के साथ इन्हीं कदली वृक्षों से मां नंदादेवी की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा। कदली वृक्षों को निमंत्रण देने, नगर भ्रमण कराने और उनसे प्रतिमा निर्माण की परंपरा नंदादेवी मेले के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र रहती है। मंदिर समिति ने कहा कि यह परंपरा धार्मिक आयोजन के साथ ही अल्मोड़ा की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत से भी जुड़ी है। समिति ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से 17 और 18 सितंबर को होने वाले धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। बैठक और कदली वृक्षों के निरीक्षण के दौरान मंदिर व्यवस्थापक अनूप शाह, पुजारी प्रमोद पाठक, शेखर चन्द्र मिश्रा, मारुत शाह, पार्षद अमित साह मोनू, पार्षद अभिषेक जोशी, मनीष पाठक, मोहन पाण्डेय, कमलेश जोशी, नवीन बेलवाल, जगदीश उपाध्याय, नवीन पाण्डेय, दीवान बिष्ट, दीपक पाण्डेय, मोहन जोशी और हेमलता पाठक आदि मौजूद रहे।



