
अल्मोड़ा। सल्ट क्षेत्र में 40.600 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश श्रीकांत पाण्डेय की अदालत ने अभियुक्त हरीश चंद्र नेगी उर्फ छेत्रपाल को दोषी करार देते हुए 11 वर्ष के कठोर कारावास और 1.10 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं मामले में नामजद दूसरे आरोपी रविंद्र सिंह रावत उर्फ रवि रावत उर्फ रवि धोनी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार तीन फरवरी 2024 को उपनिरीक्षक अजेन्द्र प्रसाद पुलिस टीम के साथ सराईखेत-कठपतिया तिराहे से करीब दो किलोमीटर आगे वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सराईखेत की ओर से एक महिंद्रा पिकअप वाहन संख्या यूके 04 सीए 3964 आता दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने वाहन को रोकने का इशारा किया तो चालक ने वाहन सड़क किनारे रोक दिया और कुछ देर बाद पेशाब करने के बहाने नीचे जंगल की ओर भाग गया। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।
वाहन में मौजूद व्यक्ति से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम हरीश चंद्र नेगी उर्फ छेत्रपाल बताया। पुलिस ने वाहन के पीछे रखे चार सफेद प्लास्टिक के कट्टों की तलाशी ली तो उनमें हरे रंग का बीजदार, पत्तेदार और गुच्छेदार पदार्थ मिला, जिसमें गांजे की गंध आ रही थी। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल करने पर चारों कट्टों में गांजे समेत कुल वजन 40.600 किलोग्राम पाया गया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति के पास गांजे के परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं था।
मामले में अभियोजन की ओर से छह गवाह न्यायालय में पेश किए गए। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुंवर सिंह बिष्ट और विशेष लोक अभियोजक पोक्सो घनश्याम जोशी ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए बरामदगी और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।
विशेष सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आठ सितंबर 2026 को हरीश चंद्र नेगी उर्फ छेत्रपाल को धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 11 वर्ष के कठोर कारावास और 1.10 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं दूसरे आरोपी रविंद्र सिंह रावत उर्फ रवि रावत उर्फ रवि धोनी को इसी धारा के तहत दोषमुक्त कर दिया गया।



