
अल्मोड़ा। शिक्षक दिवस के अवसर पर अल्मोड़ा जनपद में राजकीय शिक्षक संघ के आह्वान पर एलटी शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने एलटी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता लागू करने और पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक के फैसले का विरोध करते हुए सरकार से इन निर्णयों को वापस लेने की मांग की। शिक्षक सदन में आयोजित विरोध कार्यक्रम में जनपद एवं विभिन्न विकासखंडों की कार्यकारिणियों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने काला फीता बांधकर शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। शिक्षकों का कहना है कि लगभग 15 वर्ष पूर्व नियुक्त एलटी शिक्षक निर्धारित शैक्षणिक योग्यताएं पूरी कर चुके हैं। ऐसे में लंबे समय बाद उन पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न तो न्यायसंगत है और न ही व्यावहारिक। उनका कहना है कि इससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर पदोन्नति की प्रक्रिया लंबे समय से रुकी हुई है, वहीं दूसरी ओर नई शर्तें लागू कर शिक्षकों को पदोन्नति के अवसरों से भी वंचित किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पूर्व में नियुक्त एलटी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूर्ण छूट देने और सभी लंबित स्तरों पर शीघ्र पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। विरोध कार्यक्रम में राजकीय शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भूपाल सिंह चिलवाल, जिला मंत्री राजू महरा, जिला उपाध्यक्ष मीनाक्षी जोशी, जिला संयुक्त मंत्री राधा लस्पाल, जिला संगठन मंत्री लता वर्मा, ब्लॉक मंत्री हवालबाग खुशहाल सिंह महर, ब्लॉक अध्यक्ष भैसियाछाना भारत भूषण जोशी, ब्लॉक कोषाध्यक्ष धौलादेवी जीवन लाल शाह, बी.डी. पंत सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।



