
अल्मोड़ा। दुग्ध संघ अल्मोड़ा द्वारा दुग्ध क्रय मूल्य में प्रस्तावित एक रुपये प्रति लीटर की कटौती का विरोध शुरू हो गया है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी एवं दुग्ध संघ अल्मोड़ा की प्रबंध समिति के सदस्य ब्रह्मानन्द डालाकोटी ने दुग्ध संघ प्रशासन से वर्तमान क्रय मूल्य को यथावत रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि एक सितंबर से मूल्य में कटौती की गई तो दुग्ध उत्पादकों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में ब्रह्मानन्द डालाकोटी ने कहा कि बाजार में लगातार महंगाई बढ़ रही है। ऐसे समय में दो माह पूर्व दुग्ध क्रय मूल्य में की गई एक रुपये प्रति लीटर की वृद्धि को वापस लेना दुग्ध उत्पादकों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों और दुग्ध उत्पादकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दुग्ध समितियों के चुनाव चल रहे हैं और आचार संहिता प्रभावी है। ऐसे में जब चुनाव अवधि में क्रय मूल्य बढ़ाया नहीं जा सकता तो उसे घटाना भी उचित नहीं माना जा सकता। यदि पूर्व में मूल्य वृद्धि के आदेश में कोई तकनीकी समस्या है तो उसका समाधान चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रबंध समिति की बैठक में प्रस्ताव लाकर किया जा सकता है। डालाकोटी ने कहा कि प्रधान प्रबंधक को फिलहाल वर्तमान दुग्ध क्रय मूल्य जारी रखना चाहिए तथा चुनाव संपन्न होने के बाद मूल्य वृद्धि की रूपरेखा तैयार कर उसे प्रबंध समिति की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रबंध समिति की राय लिए बिना और चुनाव आचार संहिता के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों का हवाला देकर दुग्ध संघ प्रशासन एक सितंबर से क्रय मूल्य में एक रुपये प्रति लीटर की कटौती करता है तो दुग्ध उत्पादक आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए विवश होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले विवाद और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।


