
रुद्रपुर। बाजपुर क्षेत्र में एक आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति को लेकर दस्तावेजों में कथित विसंगतियों का मामला सामने आया है। ग्राम भटपुरी निवासी कमला तिवारी ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को शिकायत भेजकर मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पूर्व में हुई जांच में जन्मतिथि, बीपीएल प्रमाणपत्र और पहचान संबंधी दस्तावेजों में बताई गई विसंगतियों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित आंगनबाड़ी सहायिका गुरमीत कौर के कक्षा आठ के शैक्षिक प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 1991 दर्ज है, जबकि आधार कार्ड और पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1985 अंकित होने का दावा किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में जांच अधिकारी ने शैक्षिक प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि को किस आधार पर सही माना।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जांच रिपोर्ट में नियुक्ति के समय बीपीएल प्रमाणपत्र मूल रूप में जमा होने का उल्लेख है, जबकि संबंधित प्रमाणपत्र पर 31 मई 2016 की तिथि दर्ज है। दूसरी ओर, संबंधित महिला की नियुक्ति एवं योगदान 7 जुलाई 2013 को होने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों तिथियों के बीच लगभग तीन वर्ष का अंतर है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
कमला तिवारी ने पहचान संबंधी दस्तावेजों में भी कथित विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यदि शैक्षिक प्रमाणपत्र के अनुसार जन्मतिथि 1 जनवरी 1991 मानी जाए तो वर्ष 2006 में संबंधित महिला की आयु 15 वर्ष होती है, जबकि पहचान पत्र में उसी समय आयु 22 वर्ष दर्शाए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने इसे भी जांच का महत्वपूर्ण विषय बताया है।
शिकायतकर्ता ने 8 जुलाई 2013 के स्वघोषणा पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें अभिलेखों में त्रुटि पाए जाने पर नियुक्ति समाप्त किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने सीडीओ से संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के सभी मूल अभिलेखों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, यदि जांच में दस्तावेजों में कूटरचना अथवा गलत तथ्यों के आधार पर नियुक्ति की पुष्टि होती है तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की है।

