
अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) अल्मोड़ा में 20 से 22 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय ‘मनःसंवाद—शिक्षकों के लिए मानसिक सुदृढ़ता एवं तनाव प्रबंधन’ कार्यशाला का रविवार को समापन हो गया। कार्यशाला में जनपद के 34 राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग कर मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को मानसिक रूप से सशक्त, तनावमुक्त और सकारात्मक कार्य वातावरण के लिए तैयार करना था। तीन दिनों तक आयोजित विभिन्न सत्रों में मानसिक स्वास्थ्य, स्व-जागरूकता, माइंडफुलनेस, हैप्पीनेस, तनाव प्रबंधन तथा 21वीं सदी के कौशलों पर गतिविधि आधारित प्रशिक्षण दिया गया। समापन सत्र के मुख्य वक्ता गोपाल सिंह गैड़ा ने कहा कि खुशी बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर होती है और सकारात्मक सोच व नियमित अभ्यास से इसे प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने हार्टफुलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को हैप्पीनेस, तनाव प्रबंधन और मेडिटेशन के महत्व से भी अवगत कराया। डॉ. हेम चंद्र जोशी ने मानसिक स्वास्थ्य के साथ 21वीं सदी के कौशलों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं कार्यशाला की समन्वयक डॉ. दीपा जलाल ने कहा कि मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ शिक्षक ही विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक एवं प्रेरणादायी शिक्षण वातावरण तैयार कर सकता है। उन्होंने आत्म-जागरूकता, आत्म-पहचान और जीवन में लचीलेपन को मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। जिला संसाधन विभाग के रमेश सिंह रावत ने शिक्षकों और विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के संवर्धन पर जोर दिया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को मानसिक रूप से स्वस्थ और सुदृढ़ रहने की शपथ दिलाई गई तथा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में डायट प्राचार्य ललित मोहन पांडे सहित संस्थान के शिक्षकों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रही।


