
विकासनगर(आरएनएस)। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए दूसरी लॉटरी नहीं खुलने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार पर निशाना साधा है। मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि दूसरी लॉटरी के इंतजार में गरीब बच्चों और उनके अभिभावकों की आंखें पथरा गई हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। रविवार को अस्पताल रोड स्थित कैंप कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने आरोप लगाया कि सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्रदेशभर के गरीब बच्चों को आरटीई के तहत इस सत्र में मिलने वाला प्रवेश प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत पहली लॉटरी अप्रैल में निकाली गई थी, जबकि दूसरी लॉटरी सामान्य तौर पर जुलाई में खोले जाने की उम्मीद रहती है। अगस्त का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी दूसरी लॉटरी नहीं खोली गई है।नेगी ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि दूसरी लॉटरी को लेकर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी तक सामने नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे आखिर जाएं तो जाएं कहां। आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश की उम्मीद लगाए बैठे अभिभावक लगातार इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से संबंधित किसी प्रकार की अड़चन है तो शिक्षा मंत्री को मामले में प्रभावी पैरवी करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के चलते गरीब बच्चों का शैक्षिक सत्र प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर देने के लिए है। ऐसे में प्रक्रिया में देरी के कारण बच्चों को इसका लाभ नहीं मिलना गंभीर विषय है।
