
विकासनगर(आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ विकासनगर जिले के बड़े अस्पतालों ने गोल्डन कार्ड योजना का लाभ नहीं मिलने पर रोष जताया है। शिक्षकों का कहना है कि वेतन से प्रतिमाह कटौती के बावजूद उन्हें और परिजनो को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। इस संबंध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्यवाही की मांग की है। प्राशिसं की ब्लॉक अध्यक्ष मधु पटवाल ने कहा कि गोल्डन कार्ड किसी बड़े हॉस्पिटल में नहीं चल रहा है, अगर शिक्षक कर्मचारी स्वयं के खर्च पर उपचार कराते हैं तो बाद में 20 हजार रुपए का बिल 10 से 12 हजार रुपए में पास होता है, जिसका भुगतान होने में भी एक साल से अधिक समय लग जाता है।बाद में इस धनराशि को संबंधित को नेट इनकम में जोड़ दिया जाता है, जिस पर 20 प्रतिशत इनकम टैक्स देना पड़ता है, इस हिसाब से लगभग आधा पैसा भी भुगतान नहीं हो रहा है।ब्लॉक मंत्री कमल सुयाल ने कहा कि संगठन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया गया था लेकिन गोल्डन कार्ड के संबंध में सिर्फ बयानबाजी ही हुई, धरातल पर कुछ नहीं हुआ। सरकार की ओर से रोज़ बयान आते हैं कि गोल्डन कार्ड अब ओपीडी में चलेगा जबकि हकीकत यह है कि अस्पताल में भर्ती होने पर भी गोल्डन कार्ड नहीं चल रहा है। ब्लॉक कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह राय ने कहा कि अगर किसी के साथ कोई गंभीर स्थिति हो जाए तो उनके परिजन कार्ड के भरोसे कैसे उपचार करवाएंगे। जबकि सरकार गोल्डन कार्ड हेतु हर माह शिक्षक, कर्मचारियों में वेतन से कटौती कर रही है। बावजूद इसके कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। ज्ञापन भेजने वालो में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष योगेश गुप्ता, जिला संगठन मंत्री सत्यजीत चौहान, दीप्ति माला आदि शामिल रहे।
