
देहरादून(आरएनएस)। देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुक्रवार को महिला सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया। उत्तराखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल, जहां रोज़ाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहां महिला शौचालय में एक युवक छिपकर वीडियो बनाता पकड़ा गया। इस घटना ने न केवल मरीजों बल्कि महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों में भी गहरी दहशत पैदा कर दी है। सुबह करीब 11:30 बजे ओपीडी भवन के भूतल पर स्थित महिला शौचालय में एक महिला मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए आई थी। जैसे ही वह शौचालय में दाखिल हुई, उसने देखा कि ऊपर मोटे फायर सेफ्टी पाइप पर एक युवक छिपा बैठा है। महिला ने तुरंत शोर मचाया और बाहर आकर अन्य महिलाओं को बताया। अंदर मौजूद दो अन्य महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि युवक उनकी आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो बना रहा था। महिलाओं के शोर मचाने पर आरोपी युवक धक्का देकर पीछे के रास्ते से फरार हो गया। गार्ड मौके पर देर से पहुंचे और आरोपी को पकड़ने में नाकाम रहे। बताया जा रहा है कि आरोपी दर्शनलाल चौक तक भागा, लेकिन वहां भी गार्ड उसे पकड़ नहीं पाए। घटना की सूचना पर चीता पुलिस दोपहर करीब 2 बजे अस्पताल पहुंची। लेकिन तब तक सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष बंद था और कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। एक महिला मरीज के पति ने इस संबंध में पुलिस को तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी केसी भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि पीछे की तरफ कई जगह कवरेज ही नहीं है और पासवर्ड भी कर्मचारी भूल गए हैं। इससे साफ है कि अस्पताल प्रशासन सुरक्षा को लेकर लापरवाह है। महिला मरीजों और कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में अस्पताल में महिला सुरक्षा से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं।
-मई में एक काउंसलर पर महिला मरीज से छेड़छाड़ का आरोप लगा था।
-एक सप्ताह पहले दवा लाइन में एक सफाई कर्मचारी ने युवती से छेड़छाड़ की थी।
-अब महिला शौचालय में युवक के छिपने और वीडियो बनाने का मामला सामने आया है।
-इन घटनाओं ने महिला मरीजों, तीमारदारों और महिला डॉक्टरों में भय का माहौल बना दिया है।
दून अस्पताल में रोज़ाना करीब 2500 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें 50% से अधिक महिलाएं होती हैं। ऐसे में महिला शौचालय में हुई इस घटना ने महिला मरीजों और कर्मचारियों को असुरक्षित महसूस कराया है। जिस महिला ने आरोपी को देखा, वह सबसे ज्यादा सहमी हुई है क्योंकि उसे आशंका है कि उसका वीडियो बनाया गया होगा। हालांकि इस बात की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है कि युवक कितनी देर तक शौचालय में रहा और उसने कितनी महिलाओं की वीडियो बनाई। लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब अस्पताल प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह महिला सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए। मरीजों और कर्मचारियों की मांग है कि अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जाए, सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त किए जाएं और महिला शौचालयों में नियमित निगरानी की जाए।
