
रुद्रप्रयाग(आरएनएस)। केदारनाथ हाईवे पर तरसाली-फाटा के पास बृहस्पतिवार देर रात एक ट्रक अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। ट्रक में दो लोग सवार थे। सूचना पर एसडीआरएफ, जिला पुलिस, फायर सर्विस और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और लोगों के सहयोग से रेस्क्यू कर दोनों को खाई से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार त्रियुगीनारायण से सामान छोड़कर लौट रहा ट्रक तरसाली के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। सोनप्रयाग से उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त टीम ने खाई में उतरकर ट्रक तक पहुंच बनाई और दोनों को बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मृतकों की पहचान संजय राणा (45) निवासी कालीमठ (हाल गड़तरा, गुप्तकाशी) और मोहन (36) गड़तरा गुप्तकाशी के रूप में हुई है। शुक्रवार को दोनों शवों का जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
राशन लेने निकला था मोहन, दोस्त के कहने पर ट्रक में हुए सवार
रुद्रप्रयाग(आरएनएस)। तरसाली-फाटा मार्ग पर ट्रक दुर्घटना में जान गंवाने वाले मोहन बहुगुणा और संजय राणा दोनों दोस्त थे। मोहन राशन लेने जा रहा था कि उसकी मुलाकात संजय से हो गई। संजय के कहने पर मोहन उसके साथ चल दिया और आगे जाकर हादसा हो गया। हादसे के बाद से गढ़तरा गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों के अनुसार गढ़तरा गांव निवासी मोहन बहुगुणा केदारनाथ में पुरोहित थे। यात्रा धीमी होने के कारण वह कुछ दिन पहले घर लौटे थे। बृहस्पतिवार दोपहर वह स्कूटी से नाला बाजार राशन लेने निकले थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात संजय राणा से हुई जो ट्रक से त्रियुगीनारायण निर्माण सामग्री छोड़ने जा रहा था। संजय ने उसे अपने साथ चलने को कहा तो मोहन अपनी स्कूटी नाला बाजार में ही खड़ी कर ट्रक में सवार हो गया और लौटते समय तरसाली-फाटा के पास ट्रक गहरी खाई में गिर गया। हादसे में दोनों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि संजय राणा मूल रूप से कालीमठ के निवासी थे लेकिन पिछले कई वर्षों से गढ़तरा के पास परिवार के साथ रह रहा था। वह ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था जबकि मोहन केदारनाथ में पुरोहित थे। दोनों अपने पीछे दो-दो छोटे बच्चों का परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
