
अल्मोड़ा। स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर शनिवार को अल्मोड़ा योगा एंड वैलनेस स्टूडियो का शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन और फीता काटकर हुए उद्घाटन समारोह में योग को स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और जीवनशैली से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कोच लियाकत अली खान और योगाचार्य डॉ. महेंद्र मेहरा ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की।
स्टूडियो के संस्थापक डॉ. गिरीश सिंह अधिकारी ने कहा कि यह केवल योग प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि अल्मोड़ा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग एवं वैलनेस की पहचान दिलाने की दिशा में एक पहल है। उन्होंने कहा कि भविष्य में देश-विदेश से लोग योग, ध्यान और हिमालय की आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने अल्मोड़ा आएं, यही संस्थान का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि यहां युवाओं, खिलाड़ियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
मुख्य अतिथि एकता बिष्ट ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासित और सफल जीवन का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक क्षमता बढ़ती है। खिलाड़ियों के लिए भी योग मानसिक मजबूती और बेहतर प्रदर्शन का महत्वपूर्ण आधार है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कोच लियाकत अली खान ने कहा कि आधुनिक जीवन में बढ़ते मानसिक तनाव के बीच योग, ध्यान और प्राणायाम व्यक्ति को संतुलित और ऊर्जावान बनाए रखते हैं। योगाचार्य डॉ. महेंद्र मेहरा ने महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग की व्याख्या करते हुए इसे आत्मिक उन्नति और संतुलित जीवन का मार्ग बताया।
कार्यक्रम में नगर के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, योग प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों और बड़ी संख्या में योग प्रेमियों ने भाग लिया। सामूहिक ‘ॐ’ उच्चारण और कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि अल्मोड़ा योगा एंड वैलनेस स्टूडियो भविष्य में प्रदेश के प्रमुख योग एवं स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी पहचान बनाएगा।


