
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे की पूर्व संध्या पर मंगलवार को चिकित्सक एवं भारत रत्न डॉ. विधान चंद्र राय की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में चिकित्सकों ने उनके जीवन और योगदान को याद करते हुए मरीजों की निस्वार्थ सेवा का संकल्प लिया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. दुर्गापाल ने कहा कि डॉ. विधान चंद्र राय का जन्म 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना में हुआ था। उन्होंने कोलकाता से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के बाद लंदन में उच्च शिक्षा हासिल की और बाद में कोलकाता मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय सेवाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई और आगे चलकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने। उनके योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि आज भी मरीज डॉक्टर को भगवान का दर्जा देता है। इसलिए प्रत्येक चिकित्सक को बिना किसी भेदभाव के मधुर व्यवहार और संवेदनशीलता के साथ रोगियों की सेवा करनी चाहिए। सफेद कोट समानता, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। गोष्ठी में उपस्थित चिकित्सकों ने अपने पेशे के प्रति ईमानदारी, परोपकार और मानव सेवा की भावना से कार्य करने की शपथ ली। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा का उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना को साकार करना होना चाहिए।
कार्यक्रम में भुवन, केशर, रीता उपाध्याय, राघव पंत, देवेश पंत, रमेश सतवाल, धीरज मेहरा, जगदीश बिष्ट, श्याम बिष्ट, राजेश भट्ट, अभिषेक बनौला, रजत बगडवाल, एच.डी. कांडपाल, एल.एम. जोशी, आशीष कोहली, साक्षी भट्ट, नीतू बनौला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
