
उत्तरकाशी(आरएनएस)। यमुनोत्री हाईवे पर स्याना चट्टी में निर्माणाधीन बैली ब्रिज के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि पुल के दोनों ओर बनाए जा रहे पिलर और सीसी ब्लॉक निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। ब्लॉक में खुलेआम बड़े पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे निर्माण की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पुल चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों के आवागमन का प्रमुख माध्यम बनेगा। इसके अलावा क्षेत्रीय लोगों की आवाजाही भी इसी पुल पर निर्भर रहेगी। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में गंभीर खतरा साबित हो सकती है।
गत वर्ष आपदा के दौरान स्याना चट्टी क्षेत्र में जलभराव और बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था। आगामी बरसात को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से यहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बैली ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर रही है और पुल के दोनों ओर बनने वाले पिलर की मजबूती को लेकर आवश्यक सावधानी नहीं बरती जा रही है।
महावीर पंवार, शैलेंद्र राणा, मुकेश चौहान ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराए जाने और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर बनने वाले पुल की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। वहीं एनएच के ईई नवनीत पांडे ने कहा कि इसे गंभीरता से दिखवाया जाएगा। कहा कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
