
अल्मोड़ा। नगर निगम के पार्षदों ने बोर्ड बैठक नहीं बुलाए जाने पर नाराजगी जताते हुए महापौर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम गठन के बाद अब तक केवल चार अधिवेशन हुए हैं और पिछले चार माह से कोई बोर्ड बैठक आयोजित नहीं की गई है, जिससे जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर निर्णय नहीं हो पा रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम की अंतिम बैठक 5 फरवरी 2026 को आयोजित हुई थी। पार्षदों ने उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि नियमानुसार निगम की बैठक प्रत्येक माह कम से कम एक बार आयोजित की जानी चाहिए, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी बैठक नहीं बुलाई गई।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक नहीं होने से नगर की विभिन्न समस्याओं के समाधान में देरी हो रही है। उन्होंने नव निर्मित पार्किंगों के संचालन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इनका संचालन जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है, जिससे नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में आगामी बरसात के मद्देनजर नालियों की सफाई, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय, पेयजल व्यवस्था तथा निगम की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा और निर्णय के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग की गई है। पार्षदों ने नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत 15 दिन के भीतर बैठक की तिथि घोषित करने की मांग की है।
ज्ञापन पर भूपेंद्र जोशी, जानकी पांडे, रोहित कार्की, तुलसी देवी, दीपक कुमार, रजनी टम्टा, नेहा टम्टा, वैभव पांडे, हेमचंद तिवारी, देवेश बिष्ट, इंतेकाम आलम कुरैशी, संजय जोशी, विजय भट्ट, मुकेश कुमार, दीपचंद जोशी समेत कई पार्षदों के हस्ताक्षर हैं।
