
अल्मोड़ा। भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखंड स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के तत्वावधान में रविवार को अल्मोड़ा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मान यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान शहर में देशभक्ति के स्वर गूंजे और लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सम्मान यात्रा सुबह 10 बजे ऐतिहासिक नंदा देवी मंदिर परिसर से शुरू हुई। यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए विक्टर मोहन जोशी और पंडित हरगोविंद पंत की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हुए जिला चिकित्सालय, लोहे के शेर और माल रोड से होकर गांधी पार्क चौघानपाटा पहुंची। यहां श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश पांडे ने कहा कि नौ अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत कर अंग्रेजी शासन के खिलाफ बिगुल फूंका था। इस आंदोलन में उत्तराखंड के भी हजारों देशभक्तों ने भाग लेकर आजादी की लड़ाई को मजबूती दी।
इस दौरान जिला कारागार के नेहरू वार्ड में आयोजित अगस्त क्रांति कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर रोष जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को सम्मान और उचित स्थान दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनंद सिंह बिष्ट रहे, जबकि संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश पांडे ने किया। इस अवसर पर मेयर अजय वर्मा, सांसद एवं केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, दर्जा राज्य मंत्री गोविंद पिल्खवाल, ललित लटवाल, रवि रौतेला, ताराचंद जोशी, सुरेंद्र चंद्र सुयाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पार्षद हेम जोशी, पूरन रौतेला, दीप जोशी, डॉ. वसुधा पंत, सेवानिवृत्त कर्नल रविंद्र पांडे, शिवेंद्र गोस्वामी, ताराचंद साह, कैलाश वर्मा, किशन जोशी, शिव शंकर बोरा, बद्री पांडे, नवीन चंद जोशी, सुरेश शर्मा, पार्वती बिष्ट, चंद्रकांत कांडपाल, विनीता पांडे, दुर्गा बुड़ाथोकी, विनय कुमार पांडे, हितेश तिवारी, नंदन सिंह कार्की समेत अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।
