
बागेश्वर(आरएनएस)। आयुर्वेदिक अस्पताल और विद्यालय तक संपर्क मार्ग नहीं होने से नाराज स्यालडोबा क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे इस समस्या को सात बार जनता दरबार में उठा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि कांडे-स्यालडोबा गांव जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर स्थित है, फिर भी आज तक सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की लगभग 450 की आबादी प्रभावित हो रही है। सड़क के अभाव में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि वे कई बार जनता दरबार में अपनी समस्या रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे क्षेत्र के लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है। इस दौरान बुजुर्ग महिला विद्या देवी ने कहा कि वर्षों से ग्रामीणों को चार से पांच किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता है।वृद्धावस्था में भी उन्हें पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे पढ़ाई और रोजगार के लिए बाहर रह रहे हैं, लेकिन दुर्गम रास्ते के कारण गांव आने से कतराते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि गांव के बुजुर्ग अपनी अंतिम सांस से पहले गांव तक सड़क पहुंचते देखना चाहते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण की मांग करते हुए समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की। इस अवसर पर आरसी तिवारी, विपिन पांडेय, बसंत राम, हयात राम, महेश बाराकोटी, आशा तिवारी, मीरा पांडेय, मनीषा जोशी, ममता पांडेय, मीना पांडेय और विद्या पांडेय सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
