
अल्मोड़ा। ग्रामीण महिलाओं और ग्रामीण निवासियों में आत्मविश्वास, आत्मपहचान तथा सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कंजरवेटर चन्द्रशेखर जोशी के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यशाला में पीस थेरपिस्ट अर्चना साह अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए आत्मपहचान और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसकी सोच, आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास में निहित होती है। ‘खुद से खुद का परिचय’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रतिभागियों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया गया और स्वयं की क्षमताओं को पहचानने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को आत्मसम्मान, निर्णय क्षमता और अपनी पहचान के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। विभिन्न गतिविधियों और संवाद सत्रों के माध्यम से बताया गया कि सकारात्मक सोच व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी और प्रेरणादायी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों ने कहा कि आत्मजागरूकता और सकारात्मक सोच का प्रसार समाज के समग्र विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है।
