

ऋषिकेश(आरएनएस)। माजरी फतेहपुर क्षेत्र स्थित दो अमृत सरोवर पिछले कई वर्षों से बदहाली की स्थिति में पहुंच चुके हैं। अमृत सरोवरों के आसपास संचालित खनन क्रेशरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सरोवरों में प्रवाहित हो रहा है, जिससे जल प्रदूषित हो गया है। डोईवाला के माजरी फतेहपुर में अमृत सरोवरों के पास खनन जोरों से हो रहा है। जिससे यहां से निकलने वाला गंदा पानी अमृत सरोवर तक पहुंच रहा है। इससे न केवल जल संरक्षण की मंशा प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। जीवनवाला ग्राम प्रधान गुरजीत सिंह लाडी ने कहा कि अमृत सरोवर गांव की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। यदि समय रहते क्रेशरों से निकलने वाले गंदे पानी की रोकथाम नहीं की गई, तो सरोवरों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की मांग की। ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि क्रेशर मालिकों को अपने क्रेशरों से निकलने वाले पानी की रोकथाम स्वयं करनी होगी। किसी भी स्थिति में गंदा पानी अमृत सरोवरों में नहीं जाना चाहिए। कहा कि अमृत सरोवरों का संरक्षण प्राथमिकता है और आने वाले समय में इनके सौंदर्यकरण के कार्य भी कराए जाएंगे, ताकि जल संचय की यह योजना पूरी तरह सफल हो सके Iउधर, खंड विकास अधिकारी परशुराम सकलानी ने बताया कि अमृत सरोवर सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। कहा कि बीबी राम जी योजना के तहत एक जून प्रभावी होने के बाद उसी के आधार पर जल संचय एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। क्रेशर संचालकों से वार्ता कर गंदे पानी की निकासी के लिए अलग और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कहा कि अमृत सरोवरों में किसी भी प्रकार का गंदा पानी स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

