
रुद्रपुर। नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती एक युवक के बैंक खाते से करीब 15 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने केंद्र संचालक समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम बलकरनपुर, थाना माधोटांडा जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) निवासी कमलजीत कौर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पति नशे के आदी हैं। वर्ष 2025 में नशे की हालत में उन्होंने अपनी करीब 8.5 एकड़ जमीन का सौदा कुछ लोगों के साथ कर दिया था। बाद में आपत्ति दर्ज कराने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया और जमीन वापस करने पर सहमति बनी।
पीड़िता के अनुसार पति की लत छुड़ाने के लिए उन्हें सितारगंज स्थित नव जीवन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि केंद्र संचालक रनधीर सिंह और उसके साथियों ने षड्यंत्र के तहत उनके पति का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया, जिसमें बैंकिंग अनुप्रयोग सक्रिय था।
जब पीड़िता केंद्र पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि उनके पति को केंद्र में न रखकर बाईपास रोड स्थित एक कमरे में रखा गया है। वहां पहुंचने पर पति ने बताया कि आरोपियों ने मारपीट कर मोबाइल छीन लिया और जबरन विभिन्न खातों में रकम स्थानांतरित कर ली।
तहरीर के अनुसार अलग-अलग खातों में करीब 15 लाख रुपये स्थानांतरित किए गए। इसमें हरदीप सिंह उर्फ बूटा सिंह की पत्नी के खाते में करीब पांच लाख रुपये और संचालक रनधीर सिंह के खाते में ढाई लाख रुपये शामिल हैं।
कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि शनिवार रात तहरीर के आधार पर रनधीर सिंह, हरदीप सिंह उर्फ बूटा सिंह, जसवंत सिंह और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

