
देहरादून(आरएनएस)। मोती बाजार स्थित एक व्यापारी के गोदाम में आग लगाने के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग को संरक्षण में लिया है। आरोपी ने पूछताछ में आग लगाने का कोई स्पष्ट कारण तो नहीं बताया, लेकिन पुरानी रंजिश के चलते दो अन्य युवकों को इस मामले में फंसाने का प्रयास जरूर किया। पुलिस ने सोमवार को किशोर को बाल सुधार गृह में पेश किया। शहर कोतवाल हरिओम राज चौहान ने बताया कि मोती बाजार निवासी व्यापारी तरुण तनेजा ने रविवार को केस दर्ज कराया। बताया कि बीते एक अप्रैल की रात करीब आठ बजे उनके गोदाम में आग लग गई थी। दमकल और पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया गया। अगले दिन छत पर जाने पर परिवार को गोदाम के पीछे एक लकड़ी की सीढ़ी और पास ही कैंची पड़ी मिली। शक होने पर आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो एक संदिग्ध किशोर वहां आता-जाता दिखा। उसकी तलाश की। पकड़े जाने पर किशोर ने बताया कि उसने राहुल और सन्नी के साथ मिलकर किसी के कहने पर यह आग लगाई है। तब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। इंस्पेक्टर चौहान ने बताया कि आग लगाने वाला मुख्य आरोपी नाबालिग है और एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। सोमवार को उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। कोतवाल के अनुसार आरोपी की राहुल से रंजिश थी जिसके चलते उसने राहुल और एक अन्य युवक का नाम लिया। पुलिस की शुरुआती जांच में इन दोनों युवकों की घटना में कोई भूमिका सामने नहीं आई है। आग लगाने के कारण पर पुलिस जांच कर रही है।

