Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर सख्ती, सरकार ने व्हाट्सएप को डिवाइस आईडी ब्लॉक करने के निर्देश दिए
  • राष्ट्रीय

डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर सख्ती, सरकार ने व्हाट्सएप को डिवाइस आईडी ब्लॉक करने के निर्देश दिए

RNS INDIA NEWS 21/03/2026
whatsapp logo icon

नई दिल्ली (आरएनएस)। डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप को ऐसे मामलों में इस्तेमाल हो रहे डिवाइस आईडी को ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि साइबर ठगी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी बार-बार नए अकाउंट बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में अब डिवाइस स्तर पर रोक लगाने की तैयारी की गई है।

सरकार व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर उन्नत सुरक्षा फीचर्स लागू करने पर भी विचार कर रही है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत हटाए गए अकाउंट का डेटा 180 दिनों तक सुरक्षित रखने का प्रस्ताव है, ताकि जांच एजेंसियों को आवश्यक जानकारी मिल सके। संदिग्ध फाइलों और फर्जी ऐप्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने की योजना भी बनाई गई है।

देश में व्हाट्सएप का व्यापक उपयोग होता है और इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ऐसे में सरकार अब ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे डिवाइस और पहचान को सीधे ब्लॉक करने की दिशा में काम कर रही है।

डिवाइस आईडी किसी भी उपकरण की एक विशिष्ट पहचान होती है, जिसमें आईएमईआई नंबर, मैक एड्रेस, डिवाइस सीरियल नंबर और विज्ञापन पहचान संख्या जैसे तत्व शामिल होते हैं। इनकी मदद से किसी भी डिवाइस को अलग से पहचाना जा सकता है।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम में ठग खुद को पुलिस या सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं। वे कॉल, वीडियो कॉल या संदेश के जरिए पीड़ित को फर्जी गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं और तथाकथित जांच के नाम पर उसे लंबे समय तक ऑनलाइन बनाए रखते हैं। इस प्रकार की घटनाओं में हाल के वर्षों में तेजी आई है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: धामी बने ‘धुरंधर’, उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर: राजनाथ सिंह
Next: जागेश्वर धाम के पुजारी कैलाशानंद महाराज को राज्यपाल ने किया सम्मानित

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

अगले 48 घंटे में उत्तर प्रदेश पहुंचेगा मानसून, उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

RNS INDIA NEWS 26/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार रखा

RNS INDIA NEWS 19/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 जुलाई
  • डॉक्टर्स डे की पूर्व संध्या पर डॉ. बी.सी. राय को दी श्रद्धांजलि
  • 33 केवी हाईटेंशन लाइन में फाल्ट, 100 से अधिक गांवों की बिजली गुल
  • रोडवेज कर्मचारियों ने उठाई सात प्रतिशत महंगाई भत्ते की मांग
  • पौड़ी हाईवे पर कंट्रोल्ड ब्लास्टिंग से खतरनाक बोल्डर हटाने का काम शुरू
  • शिवालिक नगर में सर्वे करने आई टीम का किया विरोध
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.