
अल्मोड़ा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम सिंह धौनी की 133वीं जयंती के अवसर पर जिला पंचायत परिसर धारानौला में आयोजित कार्यक्रम में उनके कृतित्व और व्यक्तित्व को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठी। कार्यक्रम सालम समिति अल्मोड़ा के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा और विधायक मनोज तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और उपस्थित लोगों ने धौनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने कहा कि राम सिंह धौनी का जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने उनके कृतित्व और व्यक्तित्व को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की आवश्यकता जताई, ताकि युवा उनके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें। साथ ही उन्होंने धौनी जयंती और पुण्यतिथि आयोजनों के लिए 50 कुर्सियां उपलब्ध कराने की घोषणा की। विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि नई पीढ़ी धीरे-धीरे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को भूलती जा रही है। उन्होंने सरकार से ऐसे सेनानियों के जीवन पर स्मारिकाएं प्रकाशित करने और प्रदेश के विभिन्न जिलों में उनकी स्मृति में आर्ट गैलरी स्थापित करने की आवश्यकता बताई, जिससे युवाओं को इतिहास से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अल्मोड़ा-लोधिया स्थित फ्रूट क्राफ्ट संस्थान और पौधार मोटर मार्ग का नाम राम सिंह धौनी के नाम पर रखने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही 24 फरवरी को जयंती और 12 नवंबर को पुण्यतिथि जिला पंचायत स्तर पर भव्य रूप से आयोजित किए जाने की भी मांग की गई। इस दौरान सालम समिति ने नगर में स्वागत क्षेत्र के समीप स्थापित राम सिंह धौनी पुस्तकालय व वाचनालय का नियमित संचालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। समिति ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम पुस्तकालय का संचालन नहीं कर पाता है तो इसकी जिम्मेदारी समिति को सौंपी जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र रावत ने की, जबकि संचालन विपिन चंद्र जोशी और राजेंद्र रावत ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर चंद्रमणि भट्ट, हेमचंद जोशी, मनोज सनवाल, डॉ. जेसी दुर्गापाल, रमेश जोशी, अमरनाथ सिंह रजवार, गोविंद लाल वर्मा, भागीरथ पांडे, गोपाल सिंह मेहरा, एसएस चीलवाल, एसएस पथनी, गिरीश मल्होत्रा, विनोद जोशी, चंद्रशेखर वनकोठी, हयात सिंह रावत, गोपाल सिंह गोंडा, नारायण राम, दीवान आर्य, गोविंद बल्लभ जोशी, बीसी पाठक, पूरन सिंह और गोविंद सिंह मेहरा सहित कई लोग मौजूद रहे। समारोह में रामगंगा संस्कृत लोक कला समिति के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।



