
हल्द्वानी। देहरादून में एक दिन पहले शहीद कर्नल के बेटे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के ठीक 24 घंटे बाद अब हल्द्वानी में डबल मर्डर की खौफनाक घटना सामने आई है। गुरुवार सुबह बरेली रोड स्थित नवीन मंडी (गल्ला मंडी) परिसर में एक युवक और युवती के खून से लथपथ शव बरामद होने से इलाके में दहशत फैल गई। दोनों की हत्या अत्यंत क्रूर तरीके से की गई—बड़े-बड़े पत्थरों से उनके सिर और चेहरे को इतना कुचला गया कि पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया। शवों की हालत देखकर लगता है कि वारदात देर रात अंजाम दी गई।
मौके पर पहुंचे श्रमिकों ने सबसे पहले शव देखे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ अमित कुमार, कोतवाल विजय मेहता समेत भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और लोगों से पूछताछ की जा रही है।
युवती की शिनाख्त नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के मल्ली पोखरी निवासी कु. लक्ष्मी पुत्री हेम चंद्र पोखरिया के रूप में हुई है। वह एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वहीं, युवक की पहचान मृतक 31 वर्षीय शुभम टम्टा पुत्र किशोरी लाल टम्टा, निवासी खोल्टा अल्मोड़ा के रूप में हुई है।
युवक का लक्ष्मी से क्या कनेक्शन है, इसके बारे में परिजनों को जानकारी नहीं है। दोनों मृतक गल्ला मंडी में क्या करने आए थे, इन दोनों का क्या कनेक्शन रहा है। इनकी हत्या किस बात पर की गई और क्यों की गई इसकी पुलिस गहन छानबीन कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सटीक समय और कारण स्पष्ट होगा। मंडी जैसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐसी क्रूर वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और लोग दहशत में हैं। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और जल्द ही खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
घटना की सूचना के बाद युवक व युवती के स्वजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जिन्होंने इस जघन्य हत्या के पर्दाफाश की मांग पुलिस से की है। शुभम टम्टा के ताऊ पुलिस से एसआई पद से सेवानिवृत्त हरीश लाल ने मीडिया को बताया कि छह भाई बहनों में शुभम सबसे छोटा था, वह नशे का आदी था, जिस पर पांच साल पूर्व उसे हल्द्वानी के कटघरिया क्षेत्र में भर्ती किया गया था। इसके बाद वह उसी नशा मुक्ति केंद्र में कर्मचारी बन गया था। फिर उसने वहां से नौकरी छोड़ने के बाद ही दूसरे नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलर बन गया।
बताया कि मृतक शुभम के पिता किशोरी लाल अल्मोड़ा में डाक विभाग में बड़े बाबू रहे हैं। उनकी दो साल पहले मृत्यु हो गई। वहीं मां भागीरथी देवी खोल्टा में पूर्व ग्राम प्रधान थी। जिनकी बीमारी के चलते मौत हो गई।
उधर, मृतका 19 वर्षीय लक्ष्मी के बड़े भाई सुरेश पोखरिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह आठ भाई बहन हैं। जिनमें लक्ष्मी सातवें नंबर की थी। उनके पिता हेमचंद्र पोखरिया की दो शादियां हुई थी। जो नैनीताल के ग्राम सभा मल्ली पोखरी में पुरोहित हैं।
बताया कि लक्ष्मी पढ़ाई के लिए हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र रह रही थी और वह एमबीपीजी में बीएससी के दूसरे साल में पढ़ाई कर रहे थी। खर्च चलाने के लिए वह मेडिकल स्टोर में काम करती थी। वह पढ़ाई में काफी होशियार रही है।

