Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • उत्तरकाशी
  • ढुंग गांव में आपदा के एक साल बाद भी नहीं बना पुल
  • उत्तरकाशी

ढुंग गांव में आपदा के एक साल बाद भी नहीं बना पुल

RNS INDIA NEWS 09/02/2026
default featured image

लकड़ी के फट्टे बिछाकर आवाजाही करने को मजबूर ग्रामीण

उत्तरकाशी(आरएनएस)। ग्राम पंचायत सिरी के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ढुंग में आपदा में बहे पुल का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीण पुल के स्थान पर लकड़ी के फट्टे बिछाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। इसके अलावा गांव की पेयजल लाइनों के साथ नहर क्षतिग्रस्त है लेकिन उनके समाधान के लिए जिला प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। डुंडा विकासखंड के सिरी ग्राम पंचायत के ढुंग गांव के शांतिलाल, सुरेंद्र लाल, बैशाखू लाल का कहना है कि 60 परिवार निवास करते हैं। ये लोग गत वर्ष आई आपदा के बाद से भय में हैं। वर्ष 2024 में गांव के समीप से बहने वाली नदी में बाढ़ आने के कारण गांव के पैदल मार्ग सहित पुल आदि क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके साथ ही पाइपलाइन और नहरें भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। गांव को जोड़ने वाला मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। उससे हर दिन ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवाजाही करते हैं। जब प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं हुई तो उसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही वहां पर लकड़ी के फट्टे बिछाकर अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही शुरू करवाई लेकिन उस पर भी आवाजाही में खतरा बना रहता है। साथ ही पैदल मार्गों की स्थिति भी खराब बनी है। शांतिलाल ने बताया कि पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही आपूर्ति पूरी करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की। इस संबंध में ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर आपदा प्रभावित गांव में सुरक्षात्मक और अन्य कार्य करने की मांग की है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: नशा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 16.57 लाख के गांजे के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
Next: सीएस बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई सचिव समिति की बैठक सम्पन्न

Related Post

default featured image
  • उत्तरकाशी

पुरोला पीजी कॉलेज में स्थायी भवन निर्माण की मांग

RNS INDIA NEWS 08/02/2026 0
default featured image
  • उत्तरकाशी

जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर लगाया जानकारी नहीं देने का आरोप

RNS INDIA NEWS 03/02/2026 0
default featured image
  • उत्तरकाशी

एक साल में ही उखड़ गया संग्राली मोटर मार्ग का डामर

RNS INDIA NEWS 02/02/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 11 फरवरी
  • जीआरपी के हर थाने की हेल्पडेस्क में महिलाकर्मी की तैनाती होगी
  • साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला में विद्यार्थियों को किया जागरूक
  • कर्नल को शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दे 11.20 लाख ठगे
  • टेंट हाउस में आग से मचा हड़कंप, 30 हजार लीटर पानी की बौछार से बुझाई गईं लपटें
  • डीएलआरसी बैठक में बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.