
अल्मोड़ा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स आह्वान पर मंगलवार को देशभर में बैंक कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत अल्मोड़ा में भी बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते सामान्य बैंकिंग कार्य प्रभावित रहा। हड़ताल के चलते नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस, ऋण प्रक्रिया, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट और शाखाओं से जुड़ी अधिकांश सेवाएं प्रभावित रहीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की नौ प्रमुख यूनियनें शामिल हैं। यूनियनों का कहना है कि भारतीय बैंक संघ और यूएफबीयू के बीच 7 दिसंबर 2023 को हुए समझौते तथा 8 मार्च 2024 को हस्ताक्षरित सेटलमेंट और जॉइंट नोट के तहत बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य समय रखते हुए सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। अल्मोड़ा में भी यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मियों ने हड़ताल की। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग उठाई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव मोहम्मद यासर अंसारी ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो यूनियन और अधिक संघर्ष के लिए तैयार है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन वर्ग की होगी। यूनियन नेताओं ने कहा कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, जीआईसी, केंद्र और राज्य सरकारों के कार्यालय, शेयर बाजार तथा मनी और विदेशी मुद्रा बाजार पहले से ही सोमवार से शुक्रवार तक कार्य करते हैं। ऐसे में केवल बैंक कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था करना भेदभावपूर्ण है। उनका यह भी कहना है कि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता के चलते शनिवार अवकाश से ग्राहकों को कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। यूनियनों ने बैंकिंग ग्राहकों से असुविधा के लिए सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन विवशता में किया जा रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में अर्जुन वाल्मीकि, मयंक गुप्ता, वेदिका जोशी, मुकुल चौहान, अखिलेश, दीपिका, धर्मेश कुमार, स्वीटी बिष्ट और प्रीति पांगती सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।


