Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राज्य निर्माण के बाद जारी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों के जांच की मांग
  • देहरादून

राज्य निर्माण के बाद जारी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों के जांच की मांग

RNS INDIA NEWS 24/01/2026
default featured image

देहरादून(आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने फर्जी स्थाई निवास जांच की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। आंदोलनकारियों का कहना था कि विशेषकर जो राज्य बनने के बाद रोजगार पर लगे हैं उनके निवास प्रमाण पत्र गहन जांच जरूरी है। शनिवार को आंदोलनकारी शहीद स्मारक में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, सुलोचना भट्ट, सत्या पोखरियाल ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाता है उस अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। महासचिव रामलाल खंडूड़ी, पूरण सिंह लिंगवाल ने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य बनने का जो सपना आंदोलनकारियों ने देखा था कि राज्यवासियों को रोजगार व राज्य की योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा, वह सपना ही रह गया। क्योंकि जिस प्रकार लगातार फर्जी प्रमाण पत्र के माध्यम से नौकरियां, जमीनी खरीद फरोख्त एवं योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है और खुलासा होने पर केवल उनके प्रमाणपत्र निरस्त किये जा रहें हैं। वह स्वीकार्य नहीं है। फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही, इसे राज्य आंदोलनकारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुष्पलता सिलमाणा, विशम्भर दत्त बौंठियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केवल स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की पिछले 03-वर्षों की जांच की बात कहीं है। यह जांच वर्ष वार 2002 से प्रारम्भ होनी चाहिए। इसकी जगह मूलनिवास बनाने की प्रक्रिया तत्काल प्रारम्भ होनी चाहिए। प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में मुख्यतः केशव उनियाल, अरुणा थपलियाल, राधा तिवारी, मनोज नौटियाल, मोहन खत्री, हरी सिंह मेहर, सुरपाल सिंह, सुशील चमोली, राकेश नौटियाल, लोक बहादुर थापा, विनोद असवाल, हरी प्रकाश शर्मा, प्रभात डण्डरियाल, धनंजय घिल्डियाल, शकुन्तला देवी, तारा पाण्डे, रामेश्वरी नेगी, लक्ष्मी बिष्ट, शुभागा फर्स्वाण, संगीता रावत, यशोदा रावत, गोदावरी भट्ट, पुष्पा नेगी, दमयंती देवी, संम्पत्ति देवी, गीता नेगी, विक्रम सिंह राणा, यतींद्र नेगी, पुष्पा रावत, भुवनेश्वरी नेगी, रेणुका पंत, सुमति पडियार, सरोज कण्डवाल आदि मौजूद रहे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: बदरीनाथ से औली, निजमुला से नीती तक बिछी बर्फ की चादर
Next: राज्य कर्मचारियों ने मांगों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया

Related Post

default featured image
  • देहरादून

यमकेश्वर विधायक के खिलाफ सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
default featured image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण, पद्म पुरस्कारों की घोषणा

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
Dhami pic new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है: सीएम धामी

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 27 जनवरी
  • पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस पर भव्य परेड, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा रहे मुख्य अतिथि
  • मौसम अलर्ट के चलते अल्मोड़ा में 27 जनवरी को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद
  • जीआईसी लोधिया में गणतंत्र दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
  • वन पंचायत प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य पर वरिष्ठ वन दरोगा जीवन कांडपाल सम्मानित
  • कांग्रेस कार्यालय में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.