
अल्मोड़ा। भाकृअनुप–विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा विकसित स्वीट कॉर्न की उच्च उपज देने वाली संकर किस्म ‘वी एल मधुबाला’ को देश के उत्तरी पर्वतीय और उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों के लिए खेती हेतु अधिसूचित किया गया है। इस नई किस्म को जल्दी तैयार होने वाली, स्वाद में उत्कृष्ट और बाजार उन्मुख खेती के लिए उपयुक्त बताया गया है। संस्थान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ‘वी एल मधुबाला’ को मीठी मक्का पंक्ति वी एस एल 26 और वी एस एल 38 के संयोजन से विकसित किया गया है। अखिल भारतीय समन्वित परीक्षणों के दौरान उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र में इसके छिले हुए हरे भुट्टों का औसत उत्पादन 11,438 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में 11,454 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर दर्ज किया गया। इस किस्म में हरे भुट्टों की तुड़ाई 72 से 75 दिनों के भीतर की जा सकती है, जिससे किसानों को जल्दी बाजार में उपज उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा। ‘वी एल मधुबाला’ में कुल घुलनशील ठोस की मात्रा औसतन 15.7 प्रतिशत पाई गई है, जो इसे स्वाद में अधिक मधुर और उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक बनाती है। इसके साथ ही इस किस्म ने टर्किकम पर्ण झुलसा रोग के प्रति मध्यम प्रतिरोधिता भी प्रदर्शित की है। इस स्वीट कॉर्न संकर किस्म को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र के अंतर्गत लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा तथा उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में खेती के लिए अधिसूचित किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस अधिसूचना से किसानों को जल्दी कटाई वाली, उच्च उपज और उत्कृष्ट स्वाद की स्वीट कॉर्न किस्म उपलब्ध होगी, जिससे सब्जी आधारित और बाजार उन्मुख खेती को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही किसानों की आय में वृद्धि और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण स्वीट कॉर्न उपलब्ध कराने में भी यह किस्म सहायक सिद्ध होगी।
