
ऋषिकेश(आरएनएस)। वन भूमि सर्वे के बाद अब चिन्हित भूखंडों पर तारबाड़ की कार्रवाई से प्रभावित क्षेत्र के लोग लामबंद हो गए हैं। उन्होंने कार्रवाई के विरोध में मौन जुलूस निकालने का फैसला लिया है। गांधीवादी ढंग से भी वह विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, इस मुद्दे को लेकर जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और वन मंत्री से भी मुलाकात करेगा। रविवार को बापूग्राम स्थित भूमि वाले देवता मंदिर परिसर में दर्जनों लोग जुटे। इस दौरान बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रमेश जुगलान और सहसंयोजक के रूप में सर्वे से संबंधित 12 वार्डों के पार्षद भी शामिल हुए। समिति समन्वयक रविंद्र राणा ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का ढाल बनाकर वन विभाग के अधिकारी क्षेत्र का माहौल खराब करने का सुनियोचित प्रयास कर रहे हैं। बोले, सुप्रीम कोर्ट में पहले ही चिन्हित भूखंडों की पूरी जानकारी लिखित में रखी जा चुकी है, लेकिन कोर्ट के आदेश में कहीं भी तारबाड़ का जिक्र नहीं है। उन्होंने इसे कोर्ट के आदेश की अवमानना बताते कहा कि तारबाड़ की कार्रवाई का अहिसंक विरोध करने का फैसला लिया गया है। राणा ने बताया कि जल्द ही प्रभावित क्षेत्र के हजारों लोग इस कार्रवाई के विरोध में मौन जुलूस भी निकलेंगे। मौके पर सचवीर सिंह भंडारी, अनिल रावत, सुरेंद्र नेगी, हर्षवर्धन रावत, सत्य कपरूवान, वीरेंद्र रमोला, राजेश कोठियाल, मुस्कान, दिनेश रावत, राजेंद्र बिष्ट, अविनाश सेमल्टी, सुरेंद्र सिंह, ममता ममगाईं, उर्मिला, राम कुमार ममता नेगी आदि मौजूद रहे। मुनादी कराई, आज फिर कार्रवाई वन विभाग की टीम ने रविवार को चिन्हित भूखंडों के तारबाड़ करने की कार्रवाई नहीं की। कई तरह के कारणों का हवाला देते हुए रविवार को सर्वे से संबंधित क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों को तारबाड़ की कार्रवाई की जानकारी दी गई। रेंजर जीएस धमांदा ने बताया कि सोमवार को फिर से तारबाड़ करने की कार्रवाई शुरू होगी। बताया कि सभी चिन्हित भूखंडों पर यह तारबाड़ की जानी, जिसमें उन्होंने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है। उन्हें संयम बरतने के लिए भी कहा।
