
अल्मोड़ा। भारत शुद्धिकरण यात्रा शुक्रवार को चितई गोलू देवता के धाम से होते हुए अल्मोड़ा पहुंची। जागेश्वर धाम से आरंभ हुई यह यात्रा अपने तृतीय दिवस में नगर पहुंची, जहां विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा, जयघोष और स्वागत के साथ यात्रा का अभिनंदन किया। यात्रा मार्ग में बड़ी संख्या में सनातन परंपरा से जुड़े अनुयायी और स्थानीय लोग शामिल रहे। अल्मोड़ा पहुंचने पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जगद्गुरु चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानन्द महाराज ने कहा कि भारत शुद्धिकरण यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रव्यापी जनजागरण के माध्यम से समाज को एकजुट करना है। उन्होंने अपने संबोधन में देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने वाली प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है और राष्ट्रहित में सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। स्वामी सच्चिदानन्द महाराज ने अपने वक्तव्य में धार्मिक और सांस्कृतिक समरसता की बात रखते हुए कहा कि सनातन परंपरा में कभी जाति या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं रहा है। उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण के उदाहरणों के माध्यम से समाज में एकता और समानता के संदेश को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश और समाज को कमजोर करने वाली मानसिकताओं से सावधान रहना समय की आवश्यकता है। सभा में उन्होंने यह संकल्प दोहराया कि जीवन पर्यंत धर्म, राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए प्रयास जारी रहेंगे। उनके संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों ने यात्रा के उद्देश्य का समर्थन करते हुए जयघोष किए। भारत शुद्धिकरण यात्रा के अल्मोड़ा पहुंचने पर लालबाबा महामंडलेश्वर, चित्रगुप्त पीठ अखाड़ा वृंदावन से जुड़े साधु-संतों, जागेश्वर धाम मंदिर के पुजारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में वरुणानंद महाराज, हनुमान बाबा, महंत भंडारी, सुरेश चंद गहतौड़ी, राजू बोरा, नितिन पंत, आचार्य बलवंत रावत, रमेश तिवारी, मोहन रोवाली, अभिषेक पंत, गोपाल सिंह जीना, गोविंद गोस्वामी, प्रकाश भट्ट, अंशु भट्ट, कमल भट्ट, बसंत वल्लभ भट्ट, दीपक भट्ट, देवेंद्र सिंह नेगी, रवि नेगी, मनोज बिष्ट, शिल्पा, शिवानी पंडित, अमित मिश्र, रोहित पाठक, सुंदर चौधरी, दीपक आयुस, गोविंदा, किशन, संगीता बिष्ट, अमर बिष्ट, हेमू सहित चितई गोलू देवता मंदिर क्षेत्र के व्यापारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
