

हल्द्वानी (आरएनएस)। दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को उत्तराखंड से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। एनआईए, दिल्ली पुलिस, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र से बिलाल मस्जिद के इमाम मोहम्मद आसिम कासमी और इलेक्ट्रीशियन नजर कमाल को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र की मस्जिद के मौलाना मोहम्मद नईम से भी पुलिस ने पूछताछ की है।
सूत्रों के अनुसार एनआईए ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों और कॉल डिटेल विश्लेषण के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हल्द्वानी से उठाए गए दोनों व्यक्तियों से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। इससे पहले पिथौरागढ़ में भी एक महिला से पूछताछ की गई थी, जिसे बाद में छोड़ दिया गया।
संवेदनशील माने जाने वाले बनभूलपुरा क्षेत्र में एनआईए की टीम ने शनिवार तड़के करीब ढाई बजे कार्रवाई की। लाइन नंबर आठ में किराए के मकान में रहने वाले मौलाना मोहम्मद आसिम कासमी को उनके कमरे से हिरासत में लिया गया। कासमी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के टांडा दड़ियाल के निवासी हैं। इलेक्ट्रीशियन नजर कमाल हल्द्वानी के जवाहर नगर, खिचड़ी मोहल्ले का निवासी है और परिवार के साथ वहीं रहता है।
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के मुख्य आरोपित डॉ. मुज्जमिल शकील गनई, जो फलाह यूनिवर्सिटी में अध्यापन और शोध कार्य से जुड़े थे, उनकी कॉल डिटेल में उत्तराखंड से भी कई नंबर सामने आए हैं। इसी आधार पर नैनीताल और हल्द्वानी में कार्रवाई की गई है।
घटना के बाद बनभूलपुरा क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए शुक्रवार रात से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है और उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजुनाथ टी. सी. ने कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और एनआईए तथा एसटीएफ की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जिला पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है।
फंडिंग की भी जांच की आशंका
सूत्रों के अनुसार इमाम और इलेक्ट्रीशियन से आतंकी संगठनों से संभावित फंडिंग को लेकर भी पूछताछ की जा सकती है, हालांकि इस संबंध में कोई भी निष्कर्ष एनआईए की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्लीपर सेल जैसी सक्रियता के संकेत
बनभूलपुरा क्षेत्र में कई ऐसे लोग सामने आए हैं जो साइबर ठगी सहित विभिन्न संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने यहां से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जिनके बैंक खातों में लाखों–करोड़ों रुपये मिले थे और वे साइबर फ्रॉड की रकम अन्य खातों में भेजते थे।
हल्द्वानी से हिरासत के बाद कड़ी सुरक्षा
इमाम मोहम्मद आसिफ और नजर कमाल को हिरासत में लेने के बाद पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल और पुलिस उपाधीक्षक दीपशिखा अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल बनभूलपुरा में तैनात किया गया। मस्जिद और आसपास का क्षेत्र सुरक्षा घेरा में ले लिया गया। अचानक बढ़ी गतिविधियों से स्थानीय लोग सहम गए। अधिकारियों ने बताया कि यह सुरक्षा एहतियात का हिस्सा है।
एनआईए और उत्तराखंड पुलिस की एक टीम नैनीताल में स्थित एक मस्जिद में भी पूछताछ कर रही है।
दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हो गए थे।
नैनीताल में भी दिल्ली ब्लास्ट के तार, एनआईए ने मौलाना के रिश्तेदार को हिरासत में लिया


