

नैनीताल। दिल्ली ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच आगे बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड से जुड़ी नई कड़ियां सामने आ रही हैं। हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में बिलाल मस्जिद के इमाम को हिरासत में लिए जाने के बाद अब नैनीताल शहर के तल्लीताल बूचड़खाना क्षेत्र से भी एक मौलाना को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं—नैनीताल मस्जिद के मौलवी मोहम्मद नईम चाचा हैं, जबकि हल्द्वानी में पकड़ा गया इमाम आसिम कासमी उनका भतीजा है।
शुक्रवार रात हल्द्वानी में हुई कार्रवाई के बाद शुरू हुई पूछताछ में कुछ तथ्य नैनीताल से भी जुड़े मिले, जिसके बाद शनिवार दोपहर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। दोपहर करीब 12 बजे सीओ रविकांत सेमवाल के नेतृत्व में मल्लीताल कोतवाली, तल्लीताल थाना, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते की संयुक्त टीम बूचड़खाना क्षेत्र में पहुँची। टीम को देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौलवी मोहम्मद नईम को उस समय हिरासत में लिया जब वह मस्जिद के निकट दुकान से सामान ले रहे थे। इसके बाद समीप स्थित एक होटल के कमरे में उनसे देर रात तक पूछताछ की गई।
डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने मस्जिद परिसर और मौलाना के घर की गहन तलाशी ली, हालांकि कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मौलाना की पत्नी और बेटे से भी पूछताछ की। तीनों के बयानों में कई विरोधाभास पाए जाने पर संदेह और गहरा गया है।
टीम ने मौलाना के आवास—मस्जिद के नीचे स्थित दो कमरों—की भी तलाशी ली। देर शाम तक हुई पूछताछ के बाद कमरों को खाली कराया गया, जिन्हें सील करने की तैयारी की जा रही है। देर रात तक मौलाना की गिरफ्तारी की भी संभावनाएँ जताई जा रही हैं।
एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य आरोपित के कॉल रिकॉर्ड में सामने आए नंबरों के आधार पर उत्तराखंड से कई कड़ियां जुड़ रही हैं। घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस सतर्क मोड में है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजुनाथ टी. सी. ने बताया, “केंद्रीय जांच एजेंसी से मिले इनपुट और निर्देशों के आधार पर नैनीताल में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कई कोणों पर जांच चल रही है।”

