
देहरादून(आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थवाल सोमवार को मसूरी पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद स्थल पर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही राज्य आंदोलनकारियों की समस्या को सुनते हुए कहा कि इन सब परेशानियों को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। सोमवार को सुभाष बड़थ्वाल सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मसूरी पहुंचे। यहां उत्तराखड राज्य आंदोलनकारी मंच मसूरी के अध्यक्ष देवी गोदियाल ने उनका स्वागत माला पहनाने के साथ ही शॉल भेंट कर किया। राज्य आंदोलनकारीयो की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन दिया भी दिया। इसमें राज्य आंदोलन के चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू करने, चिन्हित आंदोलकारियों को पेंशन पट्टा देने, पेंशन बीस हजार करने के साथ ही 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के अनुसार सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां प्रदान करने की मांग की। सुभाष बड़थ्वाल ने कहा कि चिन्हीकरण में जो छूट गये हैं उसको चिन्हित करने का प्रयास किया जाएगा। क्षैतिज आरक्षण में जो अवरोध आ रहा है उसे नया शासनादेश लगाकर हटाने का प्रयास किया जायेगा। वहीं उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियोंकी पेंशन निश्चित रूप से हर हाल में बढाई जायेगी। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने कहा कि आंदोलनकारियों व सरकार के बीच सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष पुल का कार्य करेंगे और आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान होगा। कार्यक्रम का संचालन अनिल गोदियाल ने किया। इस मौके पर भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, पूरन जुयाल, असलम खान, भगवान सिंह धनाई, गिरिराज उनियाल, प्रदीप भंडारी, बिजेद्र पुंडीर, शूरवीर भंडारी, धनेंद्र पुंडीर, विजय रमोला, सुरेंद्र डंगवाल, मोहन पेटवाल, अरविंद सेमवाल, श्रीपति कंडारी, राजेंद्र कंडारी, बीना गुनसोला, ममता रावत, राजेश्वरी नेगी, पुष्पा पडियार, नरेंद्र पडियार समेत अन्य मौजूद रहे।

