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  • समान नागरिक संहिता पर संवाद कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने रखे विचार
  • अल्मोड़ा

समान नागरिक संहिता पर संवाद कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने रखे विचार

RNS INDIA NEWS 05/05/2025
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में सोमवार को समान नागरिक संहिता विषय पर एकदिवसीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन गणित विभाग में किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट ने संरक्षक एवं अध्यक्ष के रूप में सहभागिता की। मुख्य अतिथि के रूप में उच्च न्यायालय के मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति एवं कला संकायाध्यक्ष प्रोफेसर जगत सिंह बिष्ट और वक्ता के रूप में अधिवक्ता चामू सिंह घस्याल तथा विधि संकाय के आचार्य प्रोफेसर डी.के. भट्ट उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. चंद्र प्रकाश फुलोरिया ने किया जबकि सह-संयोजक की भूमिका में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के डॉ. ललित चंद्र जोशी रहे। संयोजक डॉ. फुलोरिया ने बताया कि इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य समान नागरिक संहिता पर विशेषज्ञों और विद्यार्थियों के बीच विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना था। वक्ता चामू सिंह घस्याल ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया है। यह कानून विवाह, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और सामाजिक सौहार्द जैसे विषयों में समानता स्थापित करता है। उन्होंने लिव-इन रिलेशन के कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। प्रोफेसर डी.के. भट्ट ने कहा कि यह कानून समाज के सभी वर्गों को एक समान दृष्टिकोण से देखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि विवाह जैसे विषयों में जो अस्पष्टताएं थीं, उन्हें अब स्पष्ट दिशा मिल रही है। मुख्य अतिथि अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह रावत ने समान नागरिक संहिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस कानून के लागू होने से लिंग, जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव की गुंजाइश समाप्त हो गई है। उन्होंने विश्वविद्यालय को इस विषय पर संवाद आयोजित करने के लिए बधाई दी। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर जगत सिंह बिष्ट ने कहा कि यह कानून ग्रामीण समाज की उन सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में सहायक सिद्ध होगा जो वर्षों से जातिगत परंपराओं में जकड़ी थीं। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 से 35 और 25 से 28 तक के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक समानता की बात कही। कुलपति प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिवार को समान नागरिक संहिता की जानकारी देना है ताकि वे समाज में भी इसकी सही जानकारी साझा कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर प्रसन्नता जताई और आयोजन टीम को बधाई दी। कार्यक्रम के समापन पर सह-संयोजक डॉ. ललित चंद्र जोशी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधि, पत्रकारिता, इतिहास, योग, वाणिज्य, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. शेखर चंद्र जोशी, कुलानुशासक डॉ. दीपक, संकायाध्यक्ष प्रो. रिजवाना सिद्दीकी सहित कई विभागों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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