
पौड़ी(आरएनएस)। रविवार को एलयूसीसी धोखाधड़ी मामले के गढ़वाल मंडल पर्यवेक्षण अधिकारी एवं एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने प्रकरण के समस्त जांच अधिकारियों की एक वर्चुअल बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस एलयूसीसी धोखाधड़ी के आरोपियों की संपत्ति खंगालने में जुटी है। जांच में आरोपियों की संपत्ति अवैध पाए जाने पर उसे जब्त किया जाएगा। प्रकरण में गढ़वाल मंडल के पांच जिलों में 13 मुकदमें दर्ज किए गए हैं। 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया कि वर्ष 2024 में मामला तब सामने आया जब कोटद्वार निवासी तृप्ति नेगी ने पुलिस को एक तहरीर दी। उन्होंने बताया कि एलयूसीसी (द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी) की दुगड्डा शाखा प्रबंधक व कैशियर द्वारा आरडी के नाम पर धोखाधड़ी की है। प्रकरण में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की। जिसके बाद प्रकरण में प्रदेशभर से 189 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। बताया कि वर्तमान समय में धोखाधड़ी करने वाली एलयूसीसी के खिलाफ देहरादून, पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी व रुद्रप्रयाग जिलामें 13 मुकदमें दर्ज हैं। बताया कि गढ़वाल मंडल में दर्ज सभी मांगों की जांच सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। कोटद्वार कोतवाली में दर्ज मुकदमा सीबीसीआईडी को हस्तांतरित हो चुका है। प्रकरण में एलयूसीसी के स्टेड हेड सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 4 आरोपियों गिरीश चन्द्र बिष्ट, उत्तम सिंह, समीर अग्रवाल व सबाब हुसैन के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है। साथ ही एलयूसीसी धोखाधड़ी से संबंधित 3 बैंक खातों को सीज किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि प्रकरण के समस्त जांच अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। कहा ठोस साक्ष्यों का संकलन कर मुख्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा प्रकरण में केंद्रीय जांच एजेंसियों से बेहतर समन्वय स्थापित कर आरोपियों की संपत्ति को खंगाला जा रहा है। संपत्ति के अवैध अर्जन की पुष्टि होने पर जब्त किए जाने और नीलाम किए जाने की कार्रवाई जल्द अमल में लाई जाएगी। कहा जिनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी हुआ है, उन आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने को लेकर पासपोर्ट एवं अन्य दस्तावेजों की जानकारी के लिए संबंधित पासपोर्ट अधिकारी से पत्राचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

