Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • बालमित्र पुलिस थाना बनकर तैयार, नाबालिगों को विशेष काउंसलिंग कराई जाएगी
  • देहरादून

बालमित्र पुलिस थाना बनकर तैयार, नाबालिगों को विशेष काउंसलिंग कराई जाएगी

RNS INDIA NEWS 19/01/2021
default featured image

देहरादून। उत्तराखंड का पहला बालमित्र पुलिस थाना इसी महीने अंत तक कार्य शुरू कर देगा। देहरादून के डानलवाला स्थित थाना के पास बालमित्र पुलिस थाना बनकर तैयार हो चुका है। यहां अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले और गुमशुदा नाबालिगों को विशेष काउंसलिंग कराई जाएगी। साथ ही उन्हें बेहतर माहौल देने के लिए कक्ष की दीवारों पर कार्टून और परिसर में खेल के सामान भी रखे गए हैं।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की देखरेख में डालनवाला थाना के पास तकरीबन पांच लाख रुपये की लागत से बाल मित्र थाना बनाया गया है। जो बीते दिसंबर तक बनकर तैयार हो चुका है। थाना का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों नववर्ष के प्रथम सप्ताह में होना था, लेकिन उनके अस्वस्थ के चलते अब उद्घाटन इसी महीने के अंत तक होगा। इस परिसर में छोटे अपराधों या बाल श्रम जैसे अन्य मामलों में पकड़े गए बच्चों को काउंसलिंग दी जाएगी।
बच्चे पुलिस से न डरें इसलिए बाल थाना में जाने के लिए अलग गेट और उनके लिए एक स्पेशल कमरा बनाया गया है। इस अलग कमरे में खिलौनों के साथ कॉमिक बुक्स और दीवारों पर डोरेमोन, छोटा भीम, मोगली से लेकर समेत कई कार्टून बनाए गए हैं। इसके साथ ही बच्चे के रहने के लिए दो बेड की व्यवस्था की गई है। यहां एक ऐसा माहौल बनाया गया है, जिससे कोई बच्चा पुलिस के साथ बातचीत करते समय असहज या किसी तरह का डर महसूस न करे। पुलिस भी सादी वर्दी में बच्चे के साथ रहेगी और जरूरत पडऩे पर आयोग, वन स्टॉप सेंटर और अस्पतालों से काउंसलर यहां बच्चों की काउंसलिंग भी करेंगे।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि उत्तराखंड में कई बार देखा गया है कि बच्चा खो जाता है, इसके बाद कोई व्यक्ति उसे पुलिस चौकी, थाना लेकर जाते हैं तो बच्चा ज्यादा डर जाता है। बच्चा पुलिस के साथ बातचीत करते समय असहज या किसी तरह का डर महसूस न करे इसलिए इस कक्ष में पुलिसकर्मी भी सिविल ड्रेस में रहेंगे। थाने में पुलिस के अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। यहां सीडब्ल्यूसी सदस्य, चाइल्ड हेल्पलाइन और विधि प्राधिकरण के सदस्यों की भी तैनाती होगी। नाबालिगों को गलत रास्ते से सही रास्ते पर लाने के लिए काउंसलिंग भी की जाएगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: कोरोना संक्रमितों के साथ ही मरीजों की मौत के मामले भी थमने लगे
Next: वैक्सीनेशन को लेकर आ रही दिक्कतों से केंद्र सरकार को अवगत कराया

Related Post

default featured image
  • देहरादून

सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का रिकॉर्ड, 474 कैंपों से 3.77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित

RNS INDIA NEWS 27/01/2026 0
default featured image
  • देहरादून

आठवें वेतनमान के लिए लामबंद हुए रेल कर्मचारी

RNS INDIA NEWS 27/01/2026 0
default featured image
  • देहरादून

गंगा में डूब रहे पर्यटक के लिए फरिश्ता बने प्रशिक्षक विपिन शर्मा

RNS INDIA NEWS 27/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 28 जनवरी
  • घास काटते हुए महिला को लगा करंट, मौत
  • सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का रिकॉर्ड, 474 कैंपों से 3.77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
  • आठवें वेतनमान के लिए लामबंद हुए रेल कर्मचारी
  • ट्रक बिक्री का झांसा देकर 10.90 लाख रुपये ठगे
  • खटीमा के बिरिया मझोला में गुलदार के हमले में महिला घायल

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.