
पिथौरागढ़। कोविड-19 के चलते इस वर्ष जिले के जड़ी बूटी उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। उत्पादन में लगे किसानों को अब जड़ी बूटी शोध संस्थान फोन पर ही जानकारी मुहैया कराएगा। जिले के उच्च हिमालय और मध्य हिमालय में तमाम औषधीय महत्व की जड़ी बूटियों का उत्पादन होता है। शीतकाल में जड़ी बूटी उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। उत्पादकों को उत्पादन, विपणन आदि के लिए हर वर्ष प्रशिक्षण दिए जाते हैं, लेकिन इस वर्ष कोविड-19 के चते किसानों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन नहीं हो पा रहा है, जबकि शोध संस्थान के पास प्रशिक्षण के लिए बजट उपलब्ध है। संस्थान के निदेशक एलएम भट्ट ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए किसानों को एक साथ आमंत्रित करना होता है, ऐसे में शारीरिक दूरी के मानकों का पालन कर पाने में दिक्कतें आएंगी। इसे देखते हुए अभी तक प्रशिक्षण आयोजित नहीं किए गए हैं। सरकार से समय-समय पर जारी होने वाली गाइड लाइन के अनुसार ही प्रशिक्षण को लेकर आगे निर्णय लिए जाएंगे। किसान फोन के जरिए अपनी शंकाओं का समाधान संस्थान से करवा सकते हैं।

