Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • अतिथि शिक्षकों के सामने खड़ी हो गयी है बड़ी समस्या
  • उत्तराखंड

अतिथि शिक्षकों के सामने खड़ी हो गयी है बड़ी समस्या

RNS INDIA NEWS 24/10/2020
rns featured image new

देहरादून। प्रोन्नत प्रवक्ता और लोक सेवा आयोग से चयनित प्रवक्ताओं की तैनाती से 680 से ज्यादा अतिथि शिक्षकों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई। अब उन्हें अपने मौजूदा स्कूल को छोडकर दूसरे स्कूलों में शिफ्ट होना पड़ेगा। 19 अक्तूबर से चार दिन तक चली काउंसलिंग में 621 प्रवक्ताओं की पोस्टिंग कर दी गई है। जबकि लोक सेवा आयोग से चयनित जीव विज्ञान के 59 प्रवक्ताओं की तैनाती भी की गई है। इन 680 स्थानों पर तैनात अतिथि शिक्षकों को हटना तय है।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर का कहना है अतिथि शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। मालूम हो कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति इसी शर्त पर हुई है कि स्थायी शिक्षक की नियुक्ति पर उन्हें पद से हटना पड़ेगा। लेकिन सरकार अतिथि शिक्षकों का एक विकल्प भी दिया है। प्रदेश के किसी अन्य रिक्त पद वाले स्कूलों में समायोजन का मौका दिया जाएगा।
जो अतिथि शिक्षक इस पर सहमत होंगे, उन्हें दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ, अतिथि शिक्षक इस प्रक्रिया से नाराज हैं। अतिथि शिक्षक संघ के महामंत्री दौलत जगूड़ी का कहना है कि सरकार को अतिथि शिक्षकों के लिए ठोस नीति बनानी होगी। अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता में सुधार में प्राण-प्रण से सहयोग किया है।
प्रमोशन में विलंब के लिए पिछले कई साल से सरकार और शिक्षा विभाग को कोस रहे शिक्षकों ने प्रमोशन होने पर कदम पीछे खींच लिए।मई में प्रमोशन पाकर एलटी से प्रवक्ता 1346 शिक्षकों में 806 की पिछले चार दिन तक राजीव नवोदय स्कूल में काउंसिलिंग की गई थी। इस कांउसलिंग में केवल 621 ही शिक्षक शामिल हुए। बाकी 185 कांउसलिंग में शामिल नहीं हुए।
नियमानुसार पहली नियुक्ति और प्रमोशन पर अनिवार्य रूप से दुर्गम में ही तैनाती दी जाती है। इन 185 शिक्षकों के काउंसलिंग में शामिल न होने के पीछे भी दुर्गम की पेास्टिंग ही वजह बताई जा रही है। एडी-माध्यमिक रामकृष्ण उनियाल के अनुसार तय प्रक्रिया के तहत काउसलिंग में शामिल न होने वाले शिक्षकों को अंत में उपलब्ध पदों पर तैनाती दी जाएगी।
शिक्षा निदेशक आरके कुंवर का कहना है कि अतिथि शिक्षकों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। अन्य स्कूलों में रिक्त पदों पर उनका समायोजन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी जाएगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: शराब के उपभोक्ताओं को जमकर लूटा जा रहा
Next: भाजपा नेताओं में खासी बेचैनी का आलम

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री के मन की बात के 134 वें संस्करण को सुना

RNS INDIA NEWS 31/05/2026 0
weather image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

गर्मी से राहत के आसार, 28 मई से कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0
WhatsApp Image 2026-05-27 at 14.39.43_11zon
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड

उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही : मुख्यमंत्री धामी

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 जून
  • घरेलू हिंसा के मामले की सुनवाई को पंहुची महिला से पति ने की अभद्रता
  • तीन दिन से लापता सिडकुल कर्मी का शव पेड़ से लटका मिला
  • मां-बेटे पर हमला, आठ लोगों पर केस दर्ज
  • अहिल्याबाई ने समाज सेवा की ऐसी मिसाल कायम की: हरीश रावत
  • पानी निकासी के विवाद में पड़ोसियों के बीच मारपीट, सात पर केस
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.