
हरिद्वार। कुमाऊं विश्वविद्यालय की होनहार हंसी प्रहरी से मिलने के लिए उनके भाई आनंद राम अनुराग शुक्रवार को दोबारा दिल्ली से हरिद्वार पहुंचे। बस अड्डे पर उन्होंने अपनी बहन से मुलाकात की। साथ ही उन्हें अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई, लेकिन हंसी ने फिर से उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। हंसी के भाई को महापौर अनीता शर्मा की ओर से आवास मुहैया कराने की जानकारी मिली। इसपर उन्होंने महापौर से मिलने का प्रयास भी किया, लेकिन उनके शहर में नहीं होने के कारण वे मायूस होकर दिल्ली लौट गए।
हंसी प्रहरी ने गुरुवार को महापौर अनीता शर्मा के आवास के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। महापौर ने हंसी के सामने पांडेवाला में इकोनॉमिक वीकर सेक्शन के लिए बनाए गए आवासों में से एक आवास रहने के लिए देने का प्रस्ताव रखा था। रोडवेज बस अड्डे पर बातचीत में हंसी ने बताया कि उनके पास कई स्वयंसेवी संगठनों के अलावा सरकार से भी आवास के लिए कई प्रस्ताव आए, लेकिन उसमें सबसे अच्छा प्रस्ताव महापौर का लगा।
राज्यमंत्री रेखा आर्य ने हंसी प्रहरी से मुलाकात कर दिया नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव
कौन हैं हंसी और क्यों हैं चर्चाओं में
हंसी छात्र जीवन में कुशल वक्ता और छात्र राजनीति में सक्रिय रहते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी चुनी गई। पर इसे नियति का खेल ही कहेंगे कि अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र में एमए डिग्रीधारी ये महिला आज हरिद्वार की सडक़ों पर भीख मांग अपना और बच्चे का गुजारा करने को मजबूर थी। पर हौसले अब भी मजबूत हैं। वो अपने बच्चे को पढ़ा भी रही हैं और अफसर बनाने के सपने बुन रही हैं।

