
हरिद्वार(आरएनएस)। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा इस वर्ष सात अक्तूबर से शुरू होगी। हरिद्वार स्थित अधिष्ठात्री देवी माया देवी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। 30 अक्तूबर तक चलने वाली यात्रा उत्तराखंड के चारधाम समेत केदारखंड और मानसखंड के पौराणिक व उपेक्षित तीर्थस्थलों तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संतों के प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर निर्धारित मुहूर्त में यात्रा शुरू करने के लिए सहमति प्रदान की है। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के नेतृत्व में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून स्थित मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज, हिमालय पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़े के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमहंत महेश पुरी महाराज, श्रीमहंत नीलकंठ गिरि महाराज और अखाड़े के मीडिया प्रभारी गोपाल सिंह रावत शामिल रहे। संतों ने मुख्यमंत्री से सात अक्तूबर को माया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का शुभारंभ कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहमति देते हुए यात्रा की सफलता के लिए संतों को शुभकामनाएं दीं।
श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि पवित्र छड़ी यात्रा का उद्देश्य केवल प्रसिद्ध चारधामों तक सीमित रहना नहीं है। यात्रा के दौरान उत्तराखंड के उन सैकड़ों पौराणिक और उपेक्षित तीर्थस्थलों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा, जिनके बारे में देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को कम जानकारी है। इन तीर्थों के धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व को यात्रा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों के विकास से तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा को दो खंडों में विभाजित किया गया है। इसके तहत केदारखंड यानी गढ़वाल और मानसखंड यानी कुमाऊं के प्रमुख तीर्थस्थलों का भ्रमण किया जाएगा। यात्रा के दौरान पवित्र ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन भी किए जाएंगे.
संत प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर टनकपुर से बागेश्वर होते हुए कर्णप्रयाग तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम मां नंदा देवी राजमार्ग करने की मांग की। श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध मां नंदा देवी राजजात यात्रा का प्रमुख मार्ग और पड़ाव इसी क्षेत्र में आता है। मां नंदा देवी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। उनके नाम पर राजमार्ग का नामकरण सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था के सम्मान का प्रतीक होगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

