
अल्मोड़ा। चौखुटिया पुलिस ने विद्युत केबिल चोरी के मामले का महज 24 घंटे में खुलासा करते हुए फरार सब-कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से करीब पांच लाख रुपये मूल्य की छह बंडल विद्युत केबिल और केबिल कटर बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार मैसर्स एस.जे. ट्रांसफॉर्मर्स एलएलपी के मैनेजर वासुदेव चिलकोटी ने 31 जुलाई को कोतवाली चौखुटिया में तहरीर देकर बताया था कि उनकी कंपनी मासी-चौखुटिया क्षेत्र में विद्युत लाइनों को बंच केबिल में परिवर्तित करने का कार्य कर रही है। 29 जुलाई को कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान छह ड्रमों में रखी विद्युत केबिल का बड़ा हिस्सा गायब मिला। कंपनी ने इस कार्य का जिम्मा सब-कॉन्ट्रैक्टर रंजीत को दिया था, जो घटना के बाद बिना सूचना के फरार हो गया था।
तहरीर के आधार पर कोतवाली चौखुटिया में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी बलवंत सिंह रावत के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से कार्रवाई करते हुए शनिवार को आरोपी रंजीत (28) पुत्र यादराम, निवासी यूसुफपुर नगलिया करनपुर, थाना पकवाड़ा, जनपद मुरादाबाद को चौखुटिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी की गई करीब पांच लाख रुपये कीमत की छह बंडल विद्युत केबिल और केबिल कटर बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सचेंद्र यादव, अपर उपनिरीक्षक दीवान सिंह कोरंगा, कांस्टेबल संदीप कुमार तथा एसओजी के कांस्टेबल राजेश भट्ट शामिल रहे।

