

अल्मोड़ा। ग्रामीण महिलाओं की आजीविका संवर्द्धन के उद्देश्य से विकासखंड हवालबाग में 19 मई से पांच दिवसीय बेकरी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ‘उत्तराखण्ड के ग्रामीण समुदायों के लिए एकीकृत आजीविका, नवीकरणीय ऊर्जा एवं पर्यावरण सुदृढ़ता पहल’ परियोजना के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की द्वारा प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियों और कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण प्रगति स्वायत्त सहकारिता के ग्रोथ सेंटर में आयोजित होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण का लाभ वास्तविक रूप से कार्य करने वाले समूह सदस्यों को ही मिले तथा प्रशिक्षण के बाद प्राप्त कौशल का उपयोग आजीविका बढ़ाने में किया जाए।
विशेषज्ञों ने बताया कि परियोजना के लिए राज्य के छह विकासखंडों का चयन किया गया है, जिनमें हवालबाग भी शामिल है। परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों की आजीविका मजबूत करना और स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार को बढ़ावा देना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 से 23 मई तक आयोजित होगा। इसमें तीन दिन बेकरी निर्माण का व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि दो दिन बिजनेस प्लान, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की जानकारी दी जाएगी।
बैठक में स्थानीय उत्पादों जैसे काफल, हिसालू और किल्मोड़ा समेत अन्य जंगली फलों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि इस दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के सहयोग से जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
बैठक में प्रो. अवलोकिता अग्रवाल, आजम अली खान, राजेश मठपाल, गंगा आर्या सहित ग्रामोत्थान परियोजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।


