
अल्मोड़ा। भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में भाकृअनुप रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी प्रोत्साहन पखवाड़े का समापन 30 सितंबर को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और परिषद गीत से हुई। हिंदी दिवस के अवसर पर 14 सितंबर से शुरू हुए पखवाड़े के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया।
समापन समारोह की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने की। उन्होंने सभी को हिंदी प्रोत्साहन पखवाड़े के समापन की बधाई देते हुए राजभाषा हिंदी के संवर्धन के लिए संस्थान की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंदी को दैनिक जीवन और कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने से ही इसके संवर्धन और विस्तार का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उन्होंने संस्थान को नराकास की प्रशंसनीय श्रेणी में पुरस्कार मिलने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की तथा प्रभारी राजभाषा अधिकारी रेनू सनवाल के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य अतिथि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के हिंदी विभाग की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. गीता खोलिया ने हिंदी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और धरोहर भी है। उन्होंने हिंदी के विकास क्रम और वर्तमान में फिल्म, रेडियो, टेलीविजन तथा वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में इसके बढ़ते प्रभाव का उल्लेख किया। साथ ही दैनिक जीवन और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिक सहज और प्रभावी प्रयोग पर जोर दिया।
प्रभारी राजभाषा अधिकारी रेनू सनवाल ने बताया कि पखवाड़े के दौरान हिंदी टंकण, हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन, लोकोक्तियां एवं मुहावरे, राजभाषा ज्ञान तथा स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, संविदा कार्मिकों और अन्य श्रमिकों ने भाग लिया।
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कार्मिकों को पुरस्कृत किया गया। इनमें डॉ. बृज मोहन पाण्डेय, डॉ. अनुराधा भारतीय, डॉ. प्रकाश चन्द्र घासल, डॉ. प्रताप दिवेकर, डॉ. संथिया एस., डॉ. प्रियंका खाती, दिनेश चन्द्र मिश्र, ओम प्रकाश विद्यार्थी, वरुण सुप्याल, चारू चन्द्र जोशी, मनोज भट्ट, सचिन कुमार पाण्डे, विवेक सैनी, शीतल कुमार शर्मा, आनन्द सिंह, देवेन्द्र सिंह कार्की, अभिनव सिंह, नन्दन सिंह रजवार, संजय जोशी, आकांक्षा, दीपक कुमार, काजोल बिष्ट, डॉ. राखी गौतम, वर्षा चौहान, डॉ. भावना ममगई, तनुज कुमार, मनोज सिंह पवार, जलज धामी और कमलेश कुमार शामिल रहे।
कार्यक्रम में संस्थान परिवार के बच्चों ने भी काव्य पाठ प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट काव्य पाठ के लिए आराध्या मलिक, आर्या, ओजस्वनी, तृषा जोशी और रीतिका विद्यार्थी को पुरस्कृत किया गया। काव्य पाठ प्रतियोगिता में डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ, डॉ. कृष्ण कान्त मिश्रा, डॉ. बृज मोहन पाण्डेय और डॉ. कुशाग्रा जोशी ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका खाती ने अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत किया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
