


रुद्रपुर(आरएनएस)। मोदी मैदान में गुरुवार को पांच दिवसीय ‘उत्तराखंड उदय एक्सपोर्ट 2026 एवं किसान मेले’ का शुभारंभ हुआ। प्रदेश के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों, स्थानीय उत्पादकों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने के साथ स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन में सहायक हैं। रुद्रपुर स्थित यूआरआईडी पहुंचने पर सीडीओ दिवेश शाशनी, परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी और महाप्रबंधक उद्योग विपिन कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मंत्री भरत सिंह का स्वागत किया। इसके बाद मंत्री मोदी मैदान पहुंचे और भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का विधिवत शुभारंभ किया।
उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर कृषि आधारित सामग्री, स्थानीय उत्पादों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उत्पादकों को उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार की मांग समझने का अवसर मिलता है। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग कृषि, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, लघु उद्योग और स्वरोजगार से जुड़े हैं। ऐसे मंच उत्पादकों को उपभोक्ताओं तक पहुंचने और नए बाजार तलाशने में मददगार हो सकते हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा और भाजपा नेता सुरेश कोली को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आयोजक समिति के पदाधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, किसान, उद्यमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
17 से 21 सितंबर तक चलेगा मेला:
आयोजक समिति के निदेशक एसके त्रिपाठी ने बताया कि मेला 17 से 21 सितंबर तक चलेगा। इसमें कुल 80 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें 60 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से किसानों के पहुंचने की संभावना है। मेले में स्वयं सहायता समूहों, संस्थानों और विभिन्न विभागों की ओर से तैयार कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। किसानों, उत्पादकों, महिला समूहों, उद्यमियों और उपभोक्ताओं को साझा मंच उपलब्ध कराकर स्थानीय उत्पादों के प्रचार और विपणन को बढ़ावा देना मेले का प्रमुख उद्देश्य है।

