

देहरादून। शुक्रवार को उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने से पहाड़ से मैदान तक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी से चोटियां बर्फ से ढक गईं, जबकि कई इलाकों में तापमान गिरने से सुबह और शाम ठंड बढ़ गई।
ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में भारी ओलावृष्टि और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना है। भारत-नेपाल सीमा से लगे जौलजीबी क्षेत्र में भी भारी ओलावृष्टि हुई। पौड़ी जिले के कोटद्वार में मूसलधार बारिश के दौरान देवी रोड पर एक पेड़ गिर गया। हरिद्वार, रुड़की और लक्सर में भी बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई।
चमोली में बारिश से मौसम ठंडा हो गया, जबकि चंपावत में घने बादलों के बाद वर्षा शुरू हुई। नैनीताल और पिथौरागढ़ में भी बारिश दर्ज की गई। हल्द्वानी में बादल छाए रहे। रानीखेत में बूंदाबांदी के बाद धूप निकल आई, जबकि अल्मोड़ा में कोहरे के बीच हल्की से मध्यम धूप रही।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी से सर्दियों जैसा अहसास होने लगा है। हेमकुंड साहिब क्षेत्र में बर्फबारी के चलते करीब 400 यात्रियों को रोके जाने की सूचना है। पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी इलाकों में भी हिमपात हुआ, जिससे पर्वतीय चोटियां बर्फ से ढक गईं।
मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।



