
नई टिहरी(आरएनएस)। बीती देर रात से सुबह तक हुई भारी बारिश के चलते जनपद के भीतर नेशनल हाईवे व राज्य हाईवे सहित ग्रामीण सड़कें जगह-जगह बंद होने से नई टिहरी मुख्यालय का संपर्क देहरादून व ऋषिकेश से पूरी तरह से दिन भर कटा रहा। देर शाम तक देवप्रयाग-गजा सड़क मार्ग खुलने के आसार हैं। इस मार्ग के खुलने के बाद देहरादून व ऋषिकेश के लिए आवाजाही शुरू हो पायेगी। बारिश से कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति जहां बाधित हुई है, वहीं सकलाना क्षेत्र में भवनों को हो रहे खतरे को देखते हुए 39 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का काम किया गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट के अनुसार बीती देर रात से सुबह तक जनपद के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी बारिश से सकलाना क्षेत्र व नरेंनगर क्षेत्र में सड़कों व भवनों को खासा नुकसान पहुंचा है। बारिश से नरेंद्रनगर-रानीपोखरी स्टेट हाईवे आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बुरी तरह से बंद हैं। जिसके आज खुलने के आसार नहीं हैं। इस तरह से ऋषिकेश-चंबा-गंगोत्री नेशनल हाईवे प्लासडा, बगड़धार, आमसेरा व नागणी में मलबा आने से पूरी तरह से बंद है। जबकि भिन्नु के निकट यह नेशनल हाईवे लगभग 30 मीटर वाशआउट हुआ है। जिसे ठीक करने में काफी लंबा समय लगेगा। जिसके चलते नेशनल हाईवे के आज खुलने के आसार नहीं हैं। चंबा-मंसूरी नेशनल हाईवे जीवन आश्रम के वाश आउट होने के कारण बंद पड़ा है। जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं, लेकिन इसे खुलने में काफी लंबा समय लगेगा। देवप्रयाग-गजा मोटर मार्ग तेजी से खोलने प्रयास जारी है। इसके देर शाम तक खुलने के आसार है। इस सड़क मार्ग के खुलने के बाद नई टिहरी का संपर्क देहरादून व ऋषिकेश के लिए हो पायेगा। इसके अलावा जनपद में बारिश से 15 ग्रामीण सड़कें बंद होने से लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नेशनल हाईवे बंद होने से देहरादून-ऋषिकेश आने-जाने वालों की आवाजाही और सामग्री सप्लाई बुरी तरह से बाधित हो रखी है। बारिश के कारण शिवपुरी, नरेंद्रनगर, गजा, ढालवाला, मुनकीरेती, घुतु, हिंदावी, चिफल्डी, रगड़ गांव सहित सकलाना क्षेत्र में कई स्थानों पर बाधित हो रखी है। जबकि पानी की आपूर्ति धोलागिरी, माणंदा, मरोड़ा, पुर्वाला, बंगसारी आदि में बाधित हुई है। बारिश जौनपुर के सेरा में 4 भवन खतरे की जद में हैं। तौलिया काटल में 4 आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचा है। तौलिया काटल में नदी पार करने के लिए लगाई गई ट्रोली का एक तरह का एमेटमेंट को नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण भवनों के नुकसान को देखते हुए मंजगांव में 30 सेरा में 5 व तौलिया काटल में 4 परिवारों को शिफ्ट करने का काम किया गया है। मुनिकीरेती में चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने से फंसे तीन लोगों का एसडीआरएफ से सकुशल रेस्क्यू कर निकाला है। नरेंद्रनगर के डौर गांव में जूनियर हाईस्कूल के भवन में बुरी तरह से मलबा भर गया। तिमलीसेरा के निकट एक भवन के जमींदोज होने की भी सूचना है।

