
अल्मोड़ा। आईसीएआर-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा और कृषि विज्ञान केंद्र, तवांग के संयुक्त तत्वावधान में अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में 17 से 26 अगस्त तक मंडुआ प्रक्षेत्र दिवस, किसान-वैज्ञानिक संवाद और ‘विवेक मिलेट थ्रेशर-कम-पर्लर’ के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान किसानों को उन्नत मंडुआ उत्पादन तकनीक, उन्नत किस्मों, बीज उत्पादन, फसल प्रबंधन, कटाई एवं कटाई उपरांत प्रबंधन की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने किसानों से खेती में आने वाली चुनौतियों और नई तकनीकों को अपनाने पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के तहत तवांग जिले के विभिन्न गांवों में किसान-वैज्ञानिक संवाद, प्रक्षेत्र दिवस और अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन आयोजित किए गए। इस दौरान किसानों को ‘विवेक मिलेट थ्रेशर-कम-पर्लर’ का प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे मंडुआ की थ्रेशिंग और प्रसंस्करण में श्रम और समय की बचत की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्नत किस्म ‘वीएल मंडुआ-376’ ने बेहतर फसल वृद्धि, अधिक दाना उत्पादन और कम अवधि में पकने की क्षमता के कारण किसानों का ध्यान आकर्षित किया। यह किस्म स्थानीय प्रजातियों की तुलना में 25 से 35 दिन पहले तैयार हो जाती है और अधिक उपज देती है। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों के प्रति रुचि दिखाई। वैज्ञानिकों को भी किसानों की समस्याओं और तकनीकी जरूरतों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. कामिनी बिष्ट, डॉ. सी.के. सिंह, डॉ. आर.पी. मीना और डॉ. एम.एस. भिंडा ने किया। संस्थान ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्रों में उन्नत मंडुआ तकनीकों का प्रसार कर किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाना है।

