

अल्मोड़ा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों के क्रम में बुधवार को स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल अल्मोड़ा में सुरक्षित बचपन, सुरक्षित जीवन’ अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण, सर्वांगीण विकास, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और बच्चों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान नालसा की बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना, 2024 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 के प्रावधानों के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में बच्चों को यौन उत्पीड़न, असुरक्षित स्पर्श, बाल विवाह निषेध और बाल तस्करी जैसे गंभीर विषयों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’ के महत्व को समझाते हुए बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर जिम्मेदार लोगों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 और बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में बताया गया। इस दौरान अभियान से संबंधित पंफलेट भी वितरित किए गए। शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद याकूब, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनामिका सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट नवल बिष्ट, कोतवाली अल्मोड़ा के प्रभारी निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल रोहित बिष्ट, विद्यालय प्रबंधक सुशील सोहन लाल, एकेडमिक हेड विपुल कार्की और अधिकार मित्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




