
हरिद्वार(आरएनएस)। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की खाली पड़ी भूमि को कुछ लोगों ने कूड़ाघर में बदल दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के मना करने के बावजूद सफाई ठेकेदार लगातार यहां कूड़ा फेंक रहा है। स्थिति बिगड़ने पर विभाग अब ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। बहादराबाद से सलेमपुर जाने वाले दुपहिया मार्ग पर पुराने न्याय बिजलीघर के पास स्थित इस खाली जमीन पर आसपास के इलाकों का कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है। राहगीरों ने बताया कि कूड़े के अंबार के कारण रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। तेज दुर्गंध के चलते आंख और गले में जलन की समस्या बढ़ रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार कई बार कूड़े में आग भी लगा देता है, जिससे उठने वाला धुआं वातावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहा है और लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। इस मार्ग से सलेमपुर और दादूपुर के सैकड़ों लोग रोजाना आवागमन करते हैं। कई स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से बहादराबाद पैदल आते-जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ती बदबू और धुएं के कारण बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण राव अबरार, नसीम अहमद, असलम, मोबीन, शहजाद, मोहसिन, अफजाल, शहीद अहमद, मुन्ना, संदीप, मोहित, आशीष, मनोज, माजिद आदि ने सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से कूड़ा फेंकने वाले ठेकेदार के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सिंचाई विभाग उप्र के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं था। वह जल्द मौके का निरीक्षण कर संबंधित ठेकेदार पर जुर्माने की कार्रवाई करेंगे और विभाग की भूमि से कूड़ा हटवाया जाएगा।

