Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • डेकोरम जरूरी..कुर्ता-पायजामा पहनकर बहस नहीं कर सकते
  • राष्ट्रीय

डेकोरम जरूरी..कुर्ता-पायजामा पहनकर बहस नहीं कर सकते

RNS INDIA NEWS 18/09/2024
rns featured image new

नई दिल्ली (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के लिए गर्मियों में ड्रेस कोड में छूट देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है और याचिकाकर्ता को फटकार लगाई। कोर्ट का मानना है कि अदालत में एक निश्चित शिष्टाचार बना रहना चाहिए और वकीलों को उचित पोशाक में ही अदालत में पेश होना चाहिए।
याचिकाकर्ता का कहना था कि गर्मियों के मौसम में काले रंग के कोट और गाउन पहनना काफी असहज होता है और वे अन्य रंगों के कपड़े पहनना चाहते हैं। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की स्थिति अलग-अलग होती है और ऐसे में इस मामले पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) और केंद्र सरकार को निर्णय लेना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लिए एक निश्चित शिष्टाचार जरूरी है और वकीलों को उचित कपड़ों में ही अदालत में पेश होना चाहिए। आप कुर्ता-पायजामा या शॉर्ट्स और टी शर्ट पहनकर बहस नहीं कर सकते। कोर्ट का मानना है कि देश में मौसम की स्थिति अलग-अलग होने के कारण इस मामले पर बीसीआई और केंद्र सरकार को निर्णय लेना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि गाउन पहनने की छूट पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन वकीलों को कुछ न कुछ तो पहनना ही होगा।
याचिकाकर्ता का कहना था कि काले रंग के कोट और गाउन औपनिवेशिक काल की विरासत हैं और भारतीय मौसम के अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कपड़े पहनना काफी महंगा भी होता है। यह पहली बार नहीं है जब इस मुद्दे पर सुनवाई हुई हो। इससे पहले भी इसी तरह की याचिका दायर की गई थी और तब भी कोर्ट ने बीसीआई के पास जाने के लिए कहा था।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दर्शाता है कि कोर्ट अदालत में शिष्टाचार को बनाए रखना चाहता है। हालांकि, कई वकीलों का मानना है कि गर्मियों के मौसम में काले रंग के कोट और गाउन पहनना काफी असहज होता है और उन्हें इस मामले में कुछ राहत मिलनी चाहिए।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: कांग्रेस ने प्रदर्शन कर भाजपा के खिलाफ की नारेबाजी
Next: मुख्य सचिव ने की पर्वतीय उत्पादों के कलेक्शन सेंटर की वास्तविक उपयोगिता पर रिपोर्ट तलब

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

अखबार में खाना परोसने पर होगी कार्रवाई, खाद्य कारोबारियों को चेतावनी

RNS INDIA NEWS 07/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

सीजेआई ने पांच नए जजों को दिलाई शपथ, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या हुई 37

RNS INDIA NEWS 02/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी घोषणाएं; महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये, पांच रुपये में मछली-चावल

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 12 जून
  • नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
  • युवती को ब्लैकमेल कर धमकी देने के आरोपी पर केस
  • जनता के विश्वास की जीत है नरेंद्रनगर का जनादेश, 50 सीटों के साथ लौटेगी भाजपा: सुबोध उनियाल
  • हिंदुत्व की रक्षा के लिए तीन बच्चे पैदा करें: तोगड़िया
  • यूकेएसएसएससी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष संचालन के दिए निर्देश
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.