Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अविवाहित महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अविवाहित महिलाओं को भी गर्भपात का अधिकार

RNS INDIA NEWS 29/09/2022
SupremeCourtofIndia

नई दिल्ली (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के हक में आज एक बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि भारत में अविवाहित महिलाओं को भी एमटीपी एक्ट के तहत गर्भपात का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में सभी महिलाओं को चुनने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि भारत में अविवाहित महिलाओं को भी एमटीपी एक्ट के तहत गर्भपात कराने का अधिकार है। भारत में गर्भपात कानून के तहत विवाहित और अविवाहित महिलाओं में भेद नहीं किया गया है। गर्भपात के उद्देश्य से रेप में वैवाहिक रेप भी शामिल है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एमटीपी कानून और इससे संबंधित नियमों के बदलाव को लेकर यह फैसला सुनाया है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि एक अविवाहित महिला को अनचाहे गर्भ का शिकार होने देना मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी अधिनियम के उद्देश्य और भावना के विपरीत होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कहा कि 2021 के संशोधन के बाद मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेग्नेंसी एक्ट की धारा-तीन में पति के बजाय पार्टनर शब्द का उपयोग किया गया है। यह अधिनियम में अविवाहित महिलाओं को कवर करने के लिए विधायी मंशा को दर्शाता है। साथ ही कोर्ट ने एम्स निदेशक को एक मेडिकल बोर्ड का गठन करने के लिए कहा जो यह देखेगा कि गर्भपात से महिला के जीवन को कोई खतरा तो नहीं होगा।
दरअसल, एक महिला ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी रूल्स, 2003 के नियम-3 बी को चुनौती दी थी, जो कि केवल कुछ श्रेणियों की महिलाओं को 20 से 24 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति देता है। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को केवल इस आधार पर लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए कि वह अविवाहित महिला है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया लगता है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने अनुचित प्रतिबंधात्मक दृष्टिकोण अपनाया है।
बता दें कि 16 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की मांग वाली अविवाहित मणिपुरी महिला की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि गर्भ सहमति से धारण किया गया है और यह स्पष्ट रूप से मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी रूल्स, 2003 के तहत किसी भी खंड में शामिल नहीं है। महिला ने अपनी याचिका में कहा कि वह बच्चे को जन्म नहीं दे सकती क्योंकि वह एक अविवाहित महिला है और उसके साथी ने उससे शादी करने से मना कर दिया है। इसमें आगे कहा गया कि अविवाहित तौर पर बच्चे को जन्म देने से उसका बहिष्कार होगा और साथ ही मानसिक पीड़ा भी होगी। दिल्ली हाईकोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी गयी थी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अंकिता हत्याकांड में शामिल आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस में नोकझोंक
Next: दून में एक अक्तूबर से लगेगा फिक्की फ्लो बाजार

Related Post

default featured image
  • राष्ट्रीय

साल में पांच बार यातायात नियम तोड़े तो तीन महीने के लिए निलंबित हो सकता है लाइसेंस

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0
default featured image
  • राष्ट्रीय

कलयुगी मां की हैवानियत : पति के देर से घर आने पर हुआ झगड़ा, गुस्से में अपनी ही बेटी की कर दी हत्या

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0
WhatsApp Image 2026-01-22 at 20.44.06
  • उत्तराखंड
  • राष्ट्रीय
  • हरिद्वार

भारतीय परंपराओं में निहित हैं विश्व की समस्याओं का समाधान: गृहमंत्री अमित शाह

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 फरवरी
  • बाड़ेछीना के पास सड़क हादसा, स्कूटी सवार युवक की मौके पर मौत
  • ज्योतिर्मठ में ध्वस्त होंगे भू धंसाव के समय जर्जर हुए 55 भवन, टेक्निकल टीम ने किया सर्वे
  • यूजीसी नियमों के विरोध में राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
  • मार्शल आर्ट में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल : रेखा आर्या
  • कार रेंटल सेंटर पर छापा, निजी वाहनों की चाबियां जब्त

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.